पंतनगर एयरपोर्ट पर आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल, सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण

पंतनगर एयरपोर्ट पर आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल, सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण

स्थान : पंतनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

पंतनगर हवाई अड्डे पर नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आतंकवाद विरोधी मॉक अभ्यास का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान विभिन्न सुरक्षा एवं प्रशासनिक एजेंसियों की आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा गया।

मॉक अभ्यास की अध्यक्षता जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उमाशंकर नेगी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा विमानपत्तन निदेशक पवन कुमार ने संयुक्त रूप से की। अभ्यास में एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने भाग लिया।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य हवाई अड्डे पर संभावित आतंकवादी घटना जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा, प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता का आकलन करना था। इसके साथ ही आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की भी जांच की गई।

मॉक ड्रिल के दौरान पंतनगर हवाई अड्डे के पार्किंग क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मी द्वारा संभावित आतंकवादी घटना की सूचना APSU नियंत्रण कक्ष को दी गई। सूचना मिलते ही नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो गया और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया गया।

APSU नियंत्रण कक्ष ने पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, विमानपत्तन निदेशक, अग्निशमन नियंत्रण कक्ष, स्वास्थ्य सेवाओं और आतंकवाद विरोधी दस्ते समेत अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल सूचना दी।

विमानपत्तन निदेशक ने स्थिति को देखते हुए एयरोड्रोम समिति के गठन के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। संभावित आतंकवादियों को टर्मिनल भवन में प्रवेश करने से रोकने के लिए APSU कर्मियों ने बैरिकेडिंग कर रणनीतिक मोर्चा संभाला।

इसके बाद आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) मौके पर सक्रिय हुआ। निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुसार त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए मॉक ड्रिल में दर्शाए गए सभी आतंकवादियों को निष्क्रिय किया गया।

कार्रवाई पूरी होने के बाद ATS कमांडर ने इसकी जानकारी एयरोड्रोम समिति को दी। स्थिति सामान्य पाए जाने पर समिति के अध्यक्ष ने आतंकवाद विरोधी मॉक अभ्यास के सफलतापूर्वक पूरा होने की घोषणा की।

मॉक अभ्यास में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ जिला प्रशासन, पुलिस, खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी की। अभ्यास के जरिए आपात स्थिति में सभी विभागों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता को परखा गया।