खालगढ़-रोसाल सड़क गड्ढों में तब्दील, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

खालगढ़-रोसाल सड़क गड्ढों में तब्दील, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक में नेपाल सीमा को जोड़ने वाली खालगढ़-रोसाल मुख्य सड़क बदहाल हो चुकी है। सड़क पर बने अनगिनत गड्ढे अब दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीण लंबे समय से सड़क में डामरीकरण कराने और गड्ढों को भरने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आरोप है कि संबंधित विभाग की ओर से अब तक समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

क्षेत्र के किसान नेता एवं समाजसेवी मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि मुख्य सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बने बड़े गड्ढों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि खराब सड़क का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। यात्रा के दौरान उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि वाहन चालकों के लिए भी सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है।

पांडे के अनुसार सड़क की मरम्मत और डामरीकरण के लिए कई बार लोक निर्माण विभाग लोहाघाट से मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद स्थायी समाधान के बजाय कई स्थानों पर गड्ढों में मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढों में मिट्टी डाले जाने से बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो गई। जगह-जगह कीचड़ फैल गया है और बड़े गड्ढों में पानी भरने से वे तालाब का रूप ले चुके हैं।

मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि सड़क पर हॉट मिक्स कार्य स्वीकृत होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से कोलतार महंगा होने के कारण कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इससे क्षेत्र की जनता में नाराजगी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा सीमावर्ती क्षेत्र के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि हॉट मिक्स का कार्य शुरू होने तक कम से कम सड़क के गड्ढों को सही तरीके से भरकर आवागमन सुरक्षित बनाया जाए।

मोहन चंद्र पांडे सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से खालगढ़-रोसाल मुख्य सड़क की जल्द मरम्मत और डामरीकरण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया कि समय रहते सड़क की दशा नहीं सुधारी गई तो परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जाएगा।