
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद में तेज बारिश के बाद नाले का बहाव अचानक बढ़ने से दो बच्चे पानी की चपेट में आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।


घटना के दौरान दूसरा बच्चा तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और लापता बच्चे की तलाश शुरू कर दी। नाले के तेज बहाव और आसपास जलभराव के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतें आईं।



एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से नाले और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। देर रात तक लापता बच्चे की तलाश जारी रही और टीमों ने संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की।



बताया जा रहा है कि घटना के समय बच्चे नाले के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान बारिश के कारण अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और दोनों बच्चे इसकी चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।


रेस्क्यू अभियान के दौरान एक पांच वर्षीय बच्ची की मौत की सूचना भी सामने आई, जिससे परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि मृत बच्ची का संबंध इसी घटना में लापता बच्चे से है या यह अलग घटना है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिडकुल की ओर से आने वाले पानी के कारण रावली महदूद क्षेत्र में बारिश के दौरान अक्सर जलभराव और तेज बहाव की स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि भारी बारिश के समय नाले का पानी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए गंभीर खतरा बन जाता है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव और जलनिकासी की समस्या को लेकर प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे बारिश के दौरान लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।


ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में नालों की सफाई, जलनिकासी की उचित व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही बारिश के दौरान बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए चेतावनी और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई गई है।
दो बच्चों के नाले में बहने की इस घटना ने एक बार फिर भारी बारिश के दौरान जलनिकासी और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं, जबकि स्थानीय लोगों की नजर लापता बच्चे की तलाश और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

