चंपावत जनता मिलन में डीएम ने सुनीं 65 शिकायतें

चंपावत जनता मिलन में डीएम ने सुनीं 65 शिकायतें

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, जनसुनवाई और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देशों के क्रम में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

जनता मिलन कार्यक्रम में कुल 65 आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सोलर स्ट्रीट लाइट, सड़क, विद्युत, पेयजल, आर्थिक सहायता, सुरक्षा दीवार, चेनलिंक फेंसिंग और पूर्ति विभाग से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार परीक्षण करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जनता मिलन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत और आवेदन को गंभीरता से लिया जाए। समस्याओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनमें किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिन मामलों में विभागीय प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है, उनमें भी निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार को जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें जिले के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर उनका समाधान किया जा सके।

जनता मिलन में आपदा से क्षतिग्रस्त निजी परिसंपत्तियों, सड़क निर्माण, सीमांत और वन क्षेत्रों में सोलर लाइट की आवश्यकता तथा हाल की बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल संरचनाओं की मरम्मत से संबंधित मामले भी सामने आए। इसके अलावा निजी भूमि विवादों से जुड़े प्रकरण भी अधिकारियों के समक्ष रखे गए।

डीएम मनीष कुमार ने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की नियमित निगरानी करने और आवेदकों को कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन, ई-ऑफिस, ई-डीपीआर और माई भारत वॉलंटियर्स से संबंधित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शासन की मंशा और जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा उनकी प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए।