
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट


बकाया गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 19 अगस्त से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान सोमवार को बड़ी संख्या में इकबालपुर गन्ना समिति कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।


उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसान तहसील परिसर स्थित धरना स्थल से एकजुट होकर इकबालपुर गन्ना समिति कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने दरी बिछाकर धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।




किसानों की मुख्य मांग बकाया गन्ना भुगतान जल्द दिलाने की रही। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।


धरने के दौरान किसानों ने गन्ना समिति के सेक्रेटरी और जिला गन्ना अधिकारी कपिल मोहन को भी अपने बीच बैठाया और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसानों ने कहा कि उन्होंने इकबालपुर समिति की पर्चियों के माध्यम से चीनी मिल को गन्ना दिया था, इसलिए भुगतान सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी समिति की भी बनती है।



किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कपिल मोहन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। साथ ही अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय दिया गया है। किसानों ने स्पष्ट किया कि तय समय में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

किसान नेता गुलशन रोड ने कहा कि किसान अपना बकाया गन्ना भुगतान लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि डीसीओ को दो दिन का समय दिया गया है और इसके बाद जिलाधिकारी के साथ बैठक प्रस्तावित है। बैठक में होने वाले निर्णय के आधार पर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।



किसान नेताओं ने प्रशासन और गन्ना विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भुगतान की दिशा में जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसान इकबालपुर गन्ना समिति कार्यालय पर तालाबंदी करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। किसानों की इस चेतावनी के बाद विभागीय अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


वहीं जिला गन्ना अधिकारी कपिल मोहन ने कहा कि किसानों ने गन्ना भुगतान से जुड़ी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि मामले में पहले से कार्रवाई चल रही है और जिलाधिकारी भी लगातार पूरे प्रकरण का संज्ञान ले रहे हैं।
डीसीओ ने बताया कि जल्द ही मामले को लेकर उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक के बाद उचित निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। उधर किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक बकाया गन्ना भुगतान का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।

