हाईकोर्ट से कांग्रेस को बड़ा झटका: शुद्धिकरण प्रकरण में याचिका निस्तारित, पुलिस जांच में दखल से इनकार

हाईकोर्ट से कांग्रेस को बड़ा झटका: शुद्धिकरण प्रकरण में याचिका निस्तारित, पुलिस जांच में दखल से इनकार

ब्यूरो रिपोर्ट
स्थान : नैनीताल

उत्तराखंड में हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण में कांग्रेस पार्टी को हाईकोर्ट से भारी राजनीतिक और कानूनी झटका लगा है। मामले की स्वतंत्र जांच और पुलिसिया कार्रवाई में दखल देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस व याचिकाकर्ता अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने में विफल रहे हैं, जिसके कारण अदालत पुलिस की प्रचलित जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगी।

अदालत ने पुलिस की जांच पर जताया संतोष

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से पक्ष रखते हुए अदालत को अवगत कराया गया कि मामले में नियमानुसार प्राथमिक दर्ज की जा चुकी है और सभी प्रक्रियाएं पूरी निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ जारी हैं। सरकार के इस पक्ष और अब तक की पुलिसिया कार्रवाई से संतोष जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान में जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि घटना से जुड़े तमाम सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच प्रक्रिया के लिए पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।

जातिगत नैरेटिव और राजनीतिक आरोपों पर उठे सवाल

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे राजनीतिक व जातिगत नैरेटिव पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ज्ञात हो कि कांग्रेस पार्टी ने इस घटनाक्रम को मुद्दा बनाते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप मढ़े थे। हालांकि, अदालत में ठोस प्रमाण न दे पाने के बाद अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि पार्टी बिना किसी तथ्यात्मक आधार के केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस संवेदनशील मामले को तूल दे रही थी।

प्रदेशभर में भाजपा का ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’

अदालत के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। इसी क्रम में सोमवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ आयोजित कर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस पार्टी अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन हासिल करने के लिए राज्य में समाज को जातियों में बांटने का कुत्सित प्रयास कर रही है, जिसे देवभूमि की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

देवभूमि की शांति भंग करने की साजिश का आरोप

धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक प्रायोजित योजना के तहत उत्तराखंड जैसे शांत और समरस राज्य के सौहार्द को बिगाड़ना चाहती है। भाजपा का कहना है कि चुनावी लाभ के लिए जातियों के बीच मनमुटाव पैदा करना और बिना सबूतों के भ्रामक तथ्य फैलाना कांग्रेस की पुरानी नीति रही है, जिसका पर्दाफाश अब अदालत के रुख से भी हो चुका है।

प्रशासनिक स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील

हाईकोर्ट के निर्णय और राज्य में उपजे राजनीतिक घमासान को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से संयम बरतने तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी दल या व्यक्ति को अफवाह फैलाने या समाज में तनाव उत्पन्न करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस खेमे में निराशा, आगे की रणनीति पर मंथन

हाईकोर्ट के इस रुख से कांग्रेस खेमे में मायूसी का माहौल देखा जा रहा है। जिस मुद्दे को कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर सरकार को घेरने की योजना बना रही थी, उस पर अदालत की टिप्पणी ने पार्टी की घेराबंदी को कमजोर कर दिया है। विधिक झटके के बाद अब कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मामले के कानूनी व राजनीतिक पहलुओं की समीक्षा कर रहा है, ताकि इस असफलता के बाद आगे की रणनीति और विरोध की रूपरेखा तय की जा सके।

स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य के प्रबुद्ध वर्ग और आम नागरिकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का मानना है कि उत्तराखंड में सामाजिक समरसता और भाईचारा हमेशा से सर्वोपरि रहा है, इसलिए संवेदनशील मुद्दों पर बिना ठोस प्रमाण के राजनीति नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और पुलिस जांच की निष्पक्षता पर भरोसा जताते हुए आम जनता ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने आएगी और राजनीति के नाम पर समाज में बिखराव पैदा करने की कोशिशों पर विराम लगेगा।