
स्थान : बागेश्वर
ब्यूरो रिपोर्ट


बागेश्वर का उद्यान विभाग कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। किसान मंच के नेता कार्तिक उपाध्याय ने जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और मामले से संबंधित दस्तावेज मीडिया के सामने रखे।


कार्तिक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि उद्यान विभाग की ओर से पॉलीहाउस के वितरण और निर्माण की प्रक्रिया में अनियमितताएं की गई हैं। उनका दावा है कि योजना के क्रियान्वयन में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।



उन्होंने कहा कि मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच भी की जा चुकी है और जांच रिपोर्ट में कई बिंदु सामने आए हैं। इसके बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं होने का उन्होंने आरोप लगाया।



प्रेस वार्ता के दौरान उपाध्याय ने कहा कि यदि विभागीय जांच में अनियमितताओं से जुड़े तथ्य सामने आए हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद भी मामले में कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ाई गई।



किसान मंच नेता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सक्षम स्तर से कराई जानी चाहिए, ताकि पॉलीहाउस वितरण और निर्माण से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध या नियम विरुद्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।



कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि पॉलीहाउस जैसी योजनाएं किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जाती हैं। ऐसे में यदि इनके वितरण या निर्माण में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर लाभार्थी किसानों पर पड़ता है।

इस पूरे मामले के बाद अब उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद क्या कोई उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और क्या संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी, इसे लेकर नजरें प्रशासन पर टिकी हैं।
फिलहाल इस मामले में उद्यान विभाग या आरोपों से जुड़े अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। विभाग की प्रतिक्रिया के बाद ही आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। वहीं किसान मंच ने मामले में निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई है।

