SDRF और पुलिस ने सुबह से फिर शुरू किया रेस्क्यू, नाले की सफाई और अतिक्रमण पर उठे सवाल

SDRF और पुलिस ने सुबह से फिर शुरू किया रेस्क्यू, नाले की सफाई और अतिक्रमण पर उठे सवाल

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

सिडकुल क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान नाले में बहा बच्चा 16 घंटे बाद भी लापता है। बच्चे की तलाश में एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने मंगलवार सुबह से एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। लगातार खोजबीन के बावजूद अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

बताया जा रहा है कि तेज बारिश के दौरान नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। इसी दौरान बच्चा पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और नाले में बह गया। घटना के बाद से ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं।

एसडीआरएफ के जवान नाले के तेज बहाव के साथ आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में भी सर्च अभियान चला रहे हैं। स्थानीय पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान में सहयोग कर रही है। संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है।

16 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद हैं और बच्चे के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

हादसे के बाद उस नाले की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसमें बच्चा बहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात से पहले क्षेत्रीय विधायक आदेश चौहान ने इस नाले का निरीक्षण किया था और व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।

बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान नाले से अतिक्रमण हटाने और उसकी सफाई कराने का आश्वासन दिया गया था। अब हादसे के बाद स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि समय रहते नाले की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर की जाती तो खतरे को कम किया जा सकता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सिडकुल की ओर से बड़ी मात्रा में पानी इस नाले में आता है, जिससे जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। तेज बहाव के कारण आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों में भी खतरे की स्थिति बन जाती है।

ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से नाले की नियमित सफाई, अतिक्रमण हटाने और बारिश के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत भी लगाए जाने चाहिए।

फिलहाल एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लापता बच्चे की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। इस घटना ने एक बार फिर मानसून से पहले नालों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।