
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट


हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मामले के विरोध में रुड़की से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे हैं।


रुड़की नगर निगम की पूर्व मेयर प्रत्याशी पूजा गुप्ता ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित शुद्धिकरण किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की घटना को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।



पूजा गुप्ता ने बताया कि रुड़की से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी देहरादून पहुंचेंगे। वहां मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और सरकार से मामले में कार्रवाई की मांग की जाएगी।



वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज की रैली का नेतृत्व रिजवान कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में कार्यकर्ता देहरादून पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे।



कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण की घटना सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और आपसी भाईचारे को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं ने सरकार से पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई होनी चाहिए।




कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाते हुए यह संदेश देना चाहिए कि सामाजिक भेदभाव या वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री आवास पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार इस मामले पर ठोस कदम उठाएगी। नेताओं ने कहा कि वे न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।
रुड़की से देहरादून तक कांग्रेस के इस कूच ने हल्द्वानी प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया और इस मामले में होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

