रामपुर नगर पंचायत में विकास कार्यों को लेकर सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना

रामपुर नगर पंचायत में विकास कार्यों को लेकर सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

पिरान कलियर क्षेत्र की रामपुर नगर पंचायत में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और कथित प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सभासदों ने मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न वार्डों के सभासदों ने नगर पंचायत की कार्यशैली के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

धरने पर बैठे सभासदों का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से कई विकास कार्य ठप पड़े हैं। सड़क, नाली, सफाई और अन्य जनहित से जुड़े कार्यों को लेकर स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कामों में अपेक्षित तेजी नहीं आ रही है।

सभासदों का कहना है कि जनता ने उन्हें अपने-अपने वार्डों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए चुना है, लेकिन जब नगर पंचायत स्तर से ही योजनाएं और विकास कार्य आगे नहीं बढ़ेंगे तो वे जनता को जवाब कैसे देंगे।

आंदोलन कर रहे सभासदों ने बताया कि विकास कार्यों को लेकर वे कई बार नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रख चुके हैं। इसके बावजूद समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।

सभासदों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम लंबित हैं। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों पर पड़ रहा है और वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों को लगातार नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।

धरनारत सभासदों ने साफ कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से विकास कार्यों की स्पष्ट समयसीमा तय करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की है।

सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि नगर पंचायत प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी भी की जाएगी।

आंदोलनकारी सभासदों ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो दोनों से इस्तीफा देने की मांग भी उठाई जाएगी।

सभासदों के अनिश्चितकालीन धरने के बाद अब रामपुर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि नगर पंचायत प्रशासन आंदोलनकारी सभासदों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और लंबित विकास कार्यों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।