हरिद्वार में मूसलाधार बारिश से जलभराव, सड़कों पर सैलाब जैसे हालात; निचले इलाकों में हाई अलर्ट

हरिद्वार में मूसलाधार बारिश से जलभराव, सड़कों पर सैलाब जैसे हालात; निचले इलाकों में हाई अलर्ट

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया है और सड़कों पर सैलाब जैसे हालात नजर आ रहे हैं। जलभराव के चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर के प्रमुख इलाकों में देखने को मिला। भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल, लटोवाली और बड़ा बाजार समेत कई क्षेत्रों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कई जगह सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं।

भारी जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने न्यूज लीडर की टीम से बातचीत में बताया कि जिन स्थानों पर ज्यादा पानी भर गया है, वहां पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का काम किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के कई स्थानों पर कुंभ मेले से संबंधित निर्माण कार्य भी चल रहे हैं। ऐसे स्थानों पर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि लोग निर्माण स्थलों के आसपास सावधानी बरतें।

लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों और राहत टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की ओर से भीमगोड़ा बैराज पर गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी को लेकर संबंधित विभागों को सतर्क रहने और स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निचले इलाकों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के आसपास न जाएं। प्रशासन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं।

फिलहाल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। पंपिंग सेट के जरिए जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने का काम जारी है और गंगा के जलस्तर समेत पूरे जिले की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।