स्थान :रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी


पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश के मुबारक मौके पर बुधवार को रानीखेत में मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना मार्च निकाला गया। मार्च के माध्यम से देश प्रेम, आपसी भाईचारे, शांति और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया गया। इस दौरान “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का संदेश देते हुए बेटियों की शिक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता का आह्वान किया गया।


सद्भावना मार्च में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने देश में अमन-चैन और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की। मार्च के दौरान देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया गया।


मार्च में शामिल लोगों ने देश के सैनिकों के सम्मान और उनकी सलामती की भी कामना की। आयोजकों ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके सम्मान के साथ उनकी कुशलता के लिए दुआ करना समाज की जिम्मेदारी है।


सद्भावना मार्च के बाद मुस्लिम समाज के लोग गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय पहुंचे। यहां अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। इस दौरान मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए मानव सेवा का संदेश दिया गया।

जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद इंतजार राजा ने देश की सलामती, सैनिकों की सुरक्षा और आपसी भाईचारे के लिए दुआ की। उन्होंने हिंदुस्तान और रानीखेत शहर के सभी लोगों की सेहत, खुशहाली और तरक्की की भी कामना की।


मोहम्मद इंतजार राजा ने कहा कि समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं में निहित मानवता, सेवा और सौहार्द के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की।




जामा मस्जिद के सदर मो. इरफान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्रशासन, पुलिस विभाग, अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्टाफ और रानीखेत के नागरिकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रानीखेत की पहचान हमेशा आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के लिए रही है और इस परंपरा को आगे भी कायम रखना सभी का दायित्व है।
जुलूस के बाद जामा मस्जिद में बच्चों के लिए दीनी क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और धार्मिक एवं नैतिक विषयों से जुड़े सवालों के जवाब दिए। इसके बाद आम न्याज यानी लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने भोजन ग्रहण किया।

पूरे कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने पैगंबर साहब की शिक्षाओं में निहित प्रेम, मानवता, शांति, सेवा और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। आयोजन के समापन पर देश की एकता, अमन-चैन और रानीखेत की खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की गई।

