स्थान :हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


हल्द्वानी में पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सुमित हृदयेश से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनभोगियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विधायक के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की।


प्रतिनिधिमंडल ने मानकीकरण अधिनियम, 2025 के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने अथवा पेंशनभोगियों के हित में आवश्यक संशोधन करने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि समान परिस्थितियों में सेवाएं देने वाले पेंशनभोगियों के बीच किसी भी प्रकार की असमानता नहीं होनी चाहिए और समान पेंशन के सिद्धांत की रक्षा की जानी चाहिए।


बैठक में पारिवारिक उपभोग इकाई से जुड़े प्रावधानों में संशोधन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने पत्नी को पुरुष सदस्य के समान 1.0 उपभोग इकाई दिए जाने, आश्रित माता-पिता को पारिवारिक उपभोग इकाई में शामिल करने और कुल उपभोग इकाइयों की सीमा बढ़ाने की मांग विधायक के समक्ष रखी।


वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती उम्र के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य खर्च में होने वाली वृद्धि को देखते हुए अलग महंगाई राहत सूचकांक निर्धारित करने की मांग भी की गई। इसके साथ ही 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन दिए जाने की मांग रखी गई। प्रस्ताव के तहत 65 वर्ष पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष की आयु पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कम्यूटेड पेंशन की वसूली अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष किए जाने की मांग भी उठाई। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वास्तविक वसूली अवधि लगभग 10 वर्ष 8 माह में पूरी हो जाती है, इसके बावजूद वर्तमान व्यवस्था के तहत 15 वर्ष तक वसूली की जाती है। ऐसे में वसूली अवधि की पुनर्समीक्षा आवश्यक है।


बैठक में पेंशनभोगियों के लिए समान और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने ओपीडी और आईपीडी सेवाओं में समानता सुनिश्चित करने तथा वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं में प्राथमिकता देने का मुद्दा भी विधायक के सामने रखा।



विधायक सुमित हृदयेश ने प्रतिनिधिमंडल की सभी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश और समाज की सेवा में समर्पित किया है। ऐसे में उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
सुमित हृदयेश ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों की मांगों को उचित मंच पर उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करते हुए सरकार का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा, ताकि लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सके।

विधायक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार से प्रभावी पैरवी कर इन मांगों के समाधान का प्रयास किया जाएगा, ताकि पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों को न्यायसंगत सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा और उनका उचित अधिकार मिल सके।

