हरिद्वार पुलिस ने साइबर फ्रॉड नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 2.75 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन के सुराग

हरिद्वार पुलिस ने साइबर फ्रॉड नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 2.75 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन के सुराग

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : धर्मराज

हरिद्वार पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग मिलने से पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी बिहार के नालंदा और नवादा से जुड़े कथित “मगध साइबर गैंग” का हिस्सा हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के सुराग मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए इधर-उधर किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य पैसों की पूरी मनी ट्रेल का पता लगाना और साइबर फ्रॉड नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के डिजिटल लेन-देन और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। संदिग्ध खातों में हुए लेन-देन, रकम के स्रोत और उसे आगे भेजे जाने से संबंधित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को सिम कार्ड नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार डेबिट मैसेज को लेकर जारी किए गए सिम कार्ड नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। इसके माध्यम से साइबर अपराध के लिए इस्तेमाल किए गए नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ने इस संबंध में हरिद्वार के सिडकुल, लक्सर और गंग नहर थाने में अलग-अलग मुकदमे भी दर्ज कराए हैं। पुलिस इन मामलों को साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जोड़कर उनकी भी जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े इस नेटवर्क की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की जानकारी हासिल की जा रही है।

हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई के बाद साइबर फ्रॉड के संगठित नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि डिजिटल साक्ष्यों और मनी ट्रेल की जांच पूरी होने के बाद मामले में और गिरफ्तारियां तथा अन्य कानूनी कार्रवाई सामने आ सकती है।