स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


कालसी-हरिपुर घाट पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रतिमा स्थापना को लेकर लोक पंचायत सामाजिक संगठन और भाजपा नेता रामशरण नौटियाल आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क दिए जा रहे हैं।


कालसी के हरिपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में ऋषिकेश और हरिद्वार की तर्ज पर मां यमुना घाट का निर्माण कराया गया है। इसी घाट के समीप ब्रिटिश कालीन पुराने पुल का एक पिलर भी मौजूद है।



लोक पंचायत सामाजिक संगठन इसी पुराने पुल के एक पिलर पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करना चाहता है। बताया जा रहा है कि प्रतिमा भी घाट पर पहुंच चुकी है, लेकिन स्थापना की अनुमति और स्थान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।


भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने 25 जुलाई को प्रतिमा स्थापना को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि बिना वैधानिक अनुमति सरकारी और हैरिटेज संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।


वहीं, बीते रविवार को लोक पंचायत सामाजिक संगठन ने पत्रकार वार्ता कर रामशरण नौटियाल पर प्रतिमा स्थापना के कार्य में अनावश्यक अड़चन डालने का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करना क्षेत्र की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है।

लोक पंचायत ने रामशरण नौटियाल पर क्षेत्र की जनता को नवीन चकराता, हाईटेक पार्किंग और श्याम सेतु जैसी योजनाओं के सपने दिखाने का भी आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि इन योजनाओं में से कोई भी योजना अभी तक धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है।



दूसरी ओर रामशरण नौटियाल ने स्पष्ट किया कि वह मां यमुना की प्रतिमा के विरोध में नहीं हैं। उनका विरोध केवल हैरिटेज स्थल पर प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर है। उन्होंने कहा कि किसी भी हैरिटेज स्थल पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

रामशरण नौटियाल का कहना है कि यदि मां यमुना की प्रतिमा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाती है तो वह उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित श्याम सेतु के निर्माण से क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने लोक पंचायत से मां यमुना की प्रतिमा निर्माण में आई लागत और मां यमुना के नाम पर जुटाए गए चंदे का सार्वजनिक हिसाब देने की मांग भी की है। अब प्रतिमा स्थापना को लेकर दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के बीच प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

