लक्सर में गुर्जर चेतना मंच का भव्य आगाज, समाज की एकजुटता और जागरूकता पर जोर

लक्सर में गुर्जर चेतना मंच का भव्य आगाज, समाज की एकजुटता और जागरूकता पर जोर

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

लक्सर में सोमवार को गुर्जर चेतना मंच का भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम में दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग पहुंचे। इस दौरान समाज की एकजुटता, जागरूकता और अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रोफेसर सुशील भाटी ने कहा कि गुर्जर चेतना मंच का उद्देश्य समाज को किसी राजनीतिक मंच से जोड़ना नहीं है। मंच का मुख्य लक्ष्य समाज के लोगों को शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक दिशा की ओर आगे बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। युवाओं और आने वाली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना मंच की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया गया। मंच की ओर से गांव-गांव और कस्बे-कस्बे अभियान चलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की बात कही गई।

वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसके युवा हैं। यदि युवाओं को नशे से बचाकर शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो एक मजबूत, जागरूक और प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सकता है।

मंच पर मौजूद सहदीप चौधरी ने स्पष्ट किया कि गुर्जर चेतना मंच किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मंच बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के समाज को एकजुट करने और सामाजिक हितों के लिए काम करने का प्रयास करेगा।

उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य समाज के लोगों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही समाज से जुड़े मुद्दों और समस्याओं की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए भी मंच सक्रिय भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने समाज की एकजुटता और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक चेतना और आपसी सहयोग के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है।

गुर्जर चेतना मंच के आगाज के साथ आयोजकों ने शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता और अधिकारों के प्रति चेतना बढ़ाने को लेकर आगे व्यापक अभियान चलाने का संकेत दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों की मौजूदगी को मंच की शुरुआत के प्रति उत्साह के रूप में देखा गया।