स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


कांग्रेस की रैली के तीन दिन बाद अब मामला राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। रैली के बाद भाजपा की ओर से रामलीला मैदान के शुद्धिकरण कराए जाने को लेकर कांग्रेस के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ ने कड़ा विरोध जताया है। हालिया राजनीतिक गतिविधियों में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।


एससी-एसटी जिला अध्यक्ष इंद्रपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। इंद्रपाल आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मैदान का शुद्धिकरण कराया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई दलित समाज के प्रति भाजपा की सोच को दर्शाती है।



इंद्रपाल आर्य ने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय दलितों और वंचित वर्गों की बात करती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं उसके कथित दोहरे चरित्र को सामने लाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मैदान का शुद्धिकरण कराया जाना केवल एक राजनीतिक दल का विरोध नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समाज के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता का विरोध उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होना चाहिए।

इंद्रपाल आर्य ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान समानता और सम्मान का अधिकार देता है, ऐसे में किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद मैदान को शुद्ध करने की कार्रवाई समाज में गलत संदेश देती है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।


हालांकि, मैदान के शुद्धिकरण को लेकर भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत में और गरमाने के आसार हैं।




