
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मामला वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें ईडी ने उनके सहयोगी चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर तलाशी ली थी।

हरीश रावत ने कहा कि कार्रवाई के दौरान चंदन जीना के परिवार से जुड़े दस्तावेजों के साथ आयकर रिटर्न और अन्य वित्तीय जानकारियां भी मांगी गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने पुराने मामले में अब जांच और कार्रवाई को तेजी से आगे क्यों बढ़ाया जा रहा है।


ईडी के अनुसार चंदन सिंह जीना वर्तमान में हरीश रावत के निजी सहायक हैं और वर्ष 2014 से 2017 के बीच उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में ओएसडी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। एजेंसी की कार्रवाई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।


रावत ने आरोप लगाया कि जांच के दायरे में अब परिवार के सदस्यों से भी जानकारी मांगी जा रही है। उन्होंने कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।


हरीश रावत ने यह भी दावा किया कि उन्हें संबंधित कार्रवाई के बारे में करीब 36 घंटे पहले ही जानकारी मिल गई थी। उनके मुताबिक बाद में संबंधित व्यक्ति को ईडी कार्यालय में प्रवेश करते हुए भी देखा गया।
ईडी ने सितंबर में देहरादून के कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इनमें चंदन सिंह जीना के अलावा यूकेएसएसएससी के तत्कालीन अधिकारियों, परीक्षा से जुड़ी निजी एजेंसी और कथित बिचौलियों से संबंधित ठिकाने भी शामिल थे।



जांच एजेंसी ने दावा किया है कि जीना के आवास से 32 लाख रुपये नकद, सोना और लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। ये दावे प्रवर्तन निदेशालय की ओर से किए गए हैं और मामले में जांच अभी जारी है।
हरीश रावत पहले भी अपने सहयोगी चंदन सिंह जीना का बचाव कर चुके हैं। उन्होंने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जांच एजेंसियां उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के फैसलों की भी जांच कर सकती हैं।
ईडी की कार्रवाई और हरीश रावत की प्रतिक्रिया के बाद मामला उत्तराखंड की राजनीतिक चर्चा में बना हुआ है। एक ओर जांच एजेंसी इसे वर्ष 2016 की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जांच बता रही है, वहीं हरीश रावत कार्रवाई की टाइमिंग और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

