स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट


हरिद्वार जिले के संवेदनशील माने जाने वाले सालियर गांव की कांवड़ इस बार भी कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंच गई। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहे। वहीं ड्रोन के माध्यम से भी लगातार निगरानी की गई।


सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के आला अधिकारी और एलआईयू कर्मी भी पूरे रूट पर मुस्तैद रहे। कांवड़ के रुड़की शहर की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उसे सुरक्षा घेरे में ले लिया। यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती गई।


बताया जाता है कि वर्ष 2015 में सालियर गांव की कांवड़ को रामपुर गांव से ले जाते समय दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। सरकारी और निजी वाहनों में तोड़फोड़ के साथ कई पुलिसकर्मी और मीडिया कर्मी भी घायल हुए थे।

इसी घटना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन हर वर्ष सालियर कांवड़ को लेकर विशेष सतर्कता बरतता है। इस बार भी कांवड़ यात्रा शुरू होने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।

सालियर गांव की कांवड़ रुड़की शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए देर रात करीब साढ़े दस बजे रामपुर चुंगी पहुंची। यहां पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। रामपुर चुंगी से सालियर गांव तक हाईवे पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा घेरे में कांवड़ को आगे बढ़ाया गया।



कांवड़ में शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। वहीं कांवड़िये भजनों की धुन पर झूमते और नाचते नजर आए। कांवड़ को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा रही। आसपास के गांव मतलबपुर, रामपुर और इब्राहिमपुर देह की कांवड़ भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहीं।




रुड़की सीओ ओशिन जोशी ने बताया कि सालियर कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कांवड़ शहर के बीच से होकर गुजरती है और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचते हैं। पूर्व में हुई घटना को देखते हुए कांवड़ यात्रा के समापन तक पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सालियर कांवड़ के सकुशल गंतव्य तक पहुंचने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में तैनात पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। पूरी यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी गई।


