पिरान कलियर में जायरीनों से कथित अवैध वसूली का आरोप, वीडियो से उठे सवाल

पिरान कलियर में जायरीनों से कथित अवैध वसूली का आरोप, वीडियो से उठे सवाल

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

विश्वभर में प्रसिद्ध पिरान कलियर शरीफ स्थित हजरत साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन आस्था और अकीदत के साथ पहुंचते हैं। रोजे मुबारक की जियारत और मन्नतें मांगने आने वाले इन जायरीनों से कथित तौर पर अवैध वसूली किए जाने के आरोप सामने आने के बाद दरगाह प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आरोप है कि रोजे मुबारक के एंट्री गेट के पास कुछ लोग जायरीनों को रोककर खुद को दरगाह का कर्मचारी बताते हैं। इसके बाद रोजे मुबारक पर पेश किए जाने वाले फूलों के हदिये के नाम पर उनसे पैसे की मांग की जाती है। जानकारी के अभाव में बाहर से आने वाले कुछ जायरीन कथित तौर पर इन लोगों की बातों में आकर उन्हें रकम दे देते हैं।

मामला यहीं तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। दरगाह परिसर में मौजूद दर्जनों कमरों के सामने भी जायरीनों से विभिन्न नामों पर पैसे मांगने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोग कैमरों के सामने ही जायरीनों से रकम लेते नजर आते हैं। इससे जायरीनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि कौन दरगाह का अधिकृत कर्मचारी है और कौन कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे वसूल रहा है।

इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग जायरीनों से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहे लोग कथित तौर पर स्वयं को दरगाह का कर्मचारी बताकर जायरीनों से रकम लेते दिखाई देते हैं। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की वास्तविक पहचान और उनके दरगाह के अधिकृत कर्मचारी होने या न होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद दरगाह प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करना होगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और क्या वे वास्तव में दरगाह से जुड़े हुए हैं। जांच के बाद ही कथित अवैध वसूली के आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।

स्थानीय लोगों और जायरीनों का कहना है कि अधिकृत कर्मचारियों की स्पष्ट पहचान के लिए आईडी कार्ड, ड्रेस कोड अथवा अन्य व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि दरगाह कर्मचारियों की पहचान सार्वजनिक और स्पष्ट होगी तो फर्जी कर्मचारी बनकर जायरीनों से पैसे वसूलने वालों पर आसानी से शिकंजा कसा जा सकेगा।

दरगाह प्रशासन की ओर से समय-समय पर जायरीनों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर व्यवस्थाओं के दावे किए जाते हैं। ऐसे में यदि दरगाह परिसर में प्रवेश से लेकर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी वाले स्थानों तक जायरीनों से कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही है तो व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि ऐसी गतिविधियां कैमरों के सामने हो रही हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दरगाह प्रशासन को रोजे मुबारक के एंट्री गेट समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। साथ ही अधिकृत कर्मचारियों की पहचान सार्वजनिक करने और जायरीनों को यह जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए कि किसी भी सेवा या हदिये के नाम पर किसे और किस आधार पर रकम दी जानी है।

अब निगाहें दरगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि सामने आए वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जायरीनों की आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी होगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले जायरीनों को सुरक्षित और पारदर्शी माहौल मिल सके।