स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


ऊधम सिंह नगर के खटीमा स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। खराब भोजन, दूषित पानी, बिजली जाने पर जनरेटर नहीं चलाने, शिक्षकों की कमी और अभिभावकों को बच्चों से मिलने की अनुमति नहीं देने जैसे आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राएं अभिभावकों के साथ विद्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए।


धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जा रहा है और पीने के पानी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इसके अलावा बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चलाए जाने और पर्याप्त शिक्षकों की कमी से भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही गई।



मामले की सूचना मिलते ही खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी समेत भाजपा नेताओं और जनजाति समाज के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। विधायक ने विद्यालय की मैस का निरीक्षण कर भोजन सामग्री का जायजा लिया। उन्होंने कथित तौर पर मैस में एक्सपायरी चावल और गुड़ मिलने का दावा करते हुए विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।


वहीं नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने भी बच्चों के साथ हो रही कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की। सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा और आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक राणा ने भी मौके पर पहुंचकर बच्चों और अभिभावकों की समस्याएं सुनीं तथा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।

मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचने के बाद जनजाति कल्याण निदेशालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शासन के आदेश के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की कार्रवाई की गई। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट ने भी प्रधानाचार्य को हटाए जाने की पुष्टि की।


प्रधानाचार्य को हटाए जाने के बाद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। कमेटी का उद्देश्य बच्चों को बेहतर भोजन, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त शिक्षण व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करना होगा।



तहसीलदार ने भी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की मांगों को जायज बताते हुए विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार का भरोसा दिलाया। जिला जनजाति कल्याण अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ मिली शिकायत को विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई करते हुए प्रधानाचार्य को हटाया गया।
छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि विद्यालय में बेहतर भोजन, स्वच्छ पानी, पर्याप्त शिक्षक और सुरक्षित माहौल चाहिए। उनका कहना था कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों की मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
फिलहाल प्रधानाचार्य को हटाए जाने के बाद बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। अब निगाहें गठित निगरानी कमेटी और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप और निगरानी व्यवस्था के बाद एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है और बच्चों को उनकी शिकायतों से स्थायी राहत कब मिलती है।

