हाथी के हमले में घायल महिला की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

हाथी के हमले में घायल महिला की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

थानों वन रेंज के अंतर्गत बड़ासी गांव में हाथी के हमले में घायल महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं लंबे समय से वन्यजीवों के आतंक से परेशान ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिला।

घटना के बाद डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला समेत तमाम जनप्रतिनिधि देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटना की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे विधायक बृजभूषण गैरोला को ग्रामीणों के रोष का सामना भी करना पड़ा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हाथियों और गुलदारों के आतंक का मुद्दा उठाते हुए सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सोलर फेंसिंग लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की जाती तो वन्यजीवों के हमलों के खतरे को कम किया जा सकता था।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथी अब केवल रात के समय ही नहीं, बल्कि दिन में भी खेतों में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता भी लगातार बनी हुई है। वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग खेतों में जाने से भी डरने लगे हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और आबादी से सटे इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। विशेष रूप से सोलर फेंसिंग की मांग को जल्द पूरा करने की बात कही गई है।

महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ता संघर्ष गंभीर चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग और प्रशासन को संयुक्त रूप से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने के साथ ही क्षेत्र में हाथी और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।