ओलंपिक संकल्प की सिद्धि को रेखा आर्य ने उठाई कांवड़

ओलंपिक संकल्प की सिद्धि को रेखा आर्य ने उठाई कांवड़

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्टर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प की सफलता की कामना को लेकर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने हर की पौड़ी से कांवड़ उठाई। ब्रह्मकुंड पर धार्मिक विधि-विधान से मां गंगा का जल लेकर वह ऋषिकेश स्थित वीरभद्र मंदिर के लिए रवाना हुईं।

कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले रेखा आर्य ने हर की पौड़ी पर मां गंगा का पूजन किया। इसके बाद ब्रह्मकुंड से गंगाजल लेकर उन्होंने अपनी संकल्प यात्रा शुरू की। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी, महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि समेत कई संत-महात्मा मौजूद रहे।

रेखा आर्य ने कहा कि वह मां गंगा का आशीर्वाद लेने हरिद्वार पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2036 में भारत में ओलंपिक आयोजित कराने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प की सिद्धि और सफलता की कामना को लेकर उन्होंने मां गंगा का जल उठाया है।

उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा और आशीर्वाद से देश के इस बड़े संकल्प को सफलता मिले, यही उनकी कामना है। गंगाजल लेकर ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर तक की यात्रा इसी भावना के साथ पूरी की जाएगी।

कांवड़ यात्रा के दौरान संत-महात्माओं ने भी रेखा आर्य की पहल की सराहना की। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि कांवड़ केवल जल उठाने की परंपरा नहीं है, बल्कि यह संकल्प, श्रद्धा और सेवा का प्रतीक है।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि रेखा आर्य ने देश के एक बड़े संकल्प को लेकर मां गंगा से आशीर्वाद मांगा है, जो निश्चित रूप से सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की धार्मिक यात्रा के माध्यम से देशहित से जुड़े संकल्प के लिए प्रार्थना करना सकारात्मक संदेश देता है।

संतों ने रेखा आर्य की कांवड़ यात्रा को महिला शक्ति और आस्था का अनूठा संगम बताया। उनका कहना था कि एक महिला कैबिनेट मंत्री के रूप में रेखा आर्य का कांवड़ उठाकर संकल्प यात्रा में शामिल होना प्रेरणादायक है।

हर की पौड़ी से शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ देश के खेल जगत से जुड़े एक बड़े संकल्प की सफलता की कामना से भी जुड़ी रही। गंगाजल लेकर रेखा आर्य ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर के लिए रवाना हुईं, जहां वह संकल्प की सिद्धि और भारत की सफलता के लिए पूजा-अर्चना करेंगी।