कांवड़ियों की राह आसान करने सड़कों पर उतरे व्यापारी

कांवड़ियों की राह आसान करने सड़कों पर उतरे व्यापारी

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्टर

देहरादून हाईवे पर कांवड़ यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन ने यातायात को लक्सर की ओर डायवर्ट कर दिया है। इसके बाद हजारों डाक कांवड़िए और दोपहिया कांवड़ यात्री लक्सर से होकर हरिद्वार की ओर बढ़ रहे हैं। भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सड़क की बदहाल स्थिति अब चिंता का विषय बनी हुई है।

कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त और सुरक्षित बनाने के दावे किए गए थे, लेकिन लक्सर के कई हिस्सों में जमीनी हकीकत अलग नजर आ रही है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे, बिखरी बजरी और खराब मार्ग दोपहिया कांवड़ यात्रियों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बन सकते हैं।

तेज रफ्तार से गुजर रहे डाक कांवड़ियों के बीच सड़क पर फैली बजरी और गड्ढे खास तौर पर खतरनाक बने हुए हैं। ऐसे में किसी भी समय संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। भारी यातायात के बीच सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी चिंता है।

इसी बीच लक्सर के दक्षिणी व्यापार मंडल ने सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। व्यापार मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता देर रात खुद फावड़े, झाड़ू और अन्य उपकरण लेकर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सड़क की स्थिति सुधारने के लिए अपने स्तर से काम शुरू किया।

व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर सड़क के गड्ढों को भरने का प्रयास किया। इसके साथ ही सड़क पर बिखरी बजरी और अन्य सामग्री को हटाकर मार्ग को सुरक्षित बनाया गया, ताकि कांवड़ यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो और फिसलने से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके।

व्यापारियों की इस पहल को देखकर स्थानीय लोगों ने भी उनकी सराहना की। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और इस दौरान शिवभक्तों की सेवा करना सभी की जिम्मेदारी है। इसी भावना से उन्होंने प्रशासन का इंतजार करने के बजाय खुद सड़क पर उतरकर श्रमदान करने का फैसला लिया।

व्यापार मंडल की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब लक्सर की सड़कों पर कांवड़ यात्रियों का भारी दबाव है। हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। व्यापारियों ने अपने प्रयास से यह संदेश दिया कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए केवल प्रशासन पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।

लक्सर के व्यापारियों की यह पहल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए देर रात तक सड़क पर श्रमदान करना सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश करता है। आस्था के इस महापर्व में व्यापार मंडल का यह प्रयास यही संदेश दे रहा है कि शिवभक्तों की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।