स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्टर


सावन की पावन बेला में हरिद्वार का कांवड़ मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आस्था का महासागर लगातार उमड़ रहा है और देशभर से लाखों शिवभक्त गंगाजल लेने धर्मनगरी हरिद्वार पहुंच रहे हैं। इसी बीच लक्सर में कांवड़ियों की सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।


लक्सर की सड़कों पर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंज रहे हैं। कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह विशाल भंडारे लगाए गए हैं। इन भंडारों में शिवभक्तों को केले, हलवा-पूरी, कढ़ी-चावल, शुद्ध पेयजल और अन्य प्रसाद श्रद्धापूर्वक वितरित किया जा रहा है।



कांवड़ियों की सेवा में जुटे सेवादार पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। तपती गर्मी और लंबी यात्रा के बीच भंडारों में मिलने वाला भोजन और पेयजल कांवड़ियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।


सेवा की इस परंपरा में स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कई भंडारा स्थलों पर चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, जहां चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कांवड़ियों की जांच कर जरूरत के अनुसार तत्काल उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। इसका उद्देश्य है कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण शिवभक्तों की यात्रा प्रभावित न हो।

भंडारों में सेवा कर रहे सेवादारों का कहना है कि कांवड़ियों की सेवा उनके लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य है। उनका मानना है कि शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा करना ही सच्ची शिवभक्ति है।



कांवड़ मेले के दौरान लक्सर से गुजरने वाले शिवभक्तों के लिए स्थानीय लोगों की ओर से लगातार सेवा की जा रही है। भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।



इन सेवा शिविरों में जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाएं भी पीछे छूटती नजर आ रही हैं। हर किसी के मन में सिर्फ कांवड़ियों की सेवा और मानवता का भाव दिखाई दे रहा है। यही भावना कांवड़ यात्रा को आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी पर्व बना रही है।
कुल मिलाकर लक्सर में कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण के बीच सेवा और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बोल बम के जयघोष, विशाल भंडारे और निस्वार्थ सेवा से पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आ रहा है और सेवादार पूरी श्रद्धा के साथ शिवभक्तों की यात्रा को सुगम बनाने में जुटे हुए हैं।

