आपदा के बाद पुलिया नहीं बनी, जोखिम में ग्रामीण

आपदा के बाद पुलिया नहीं बनी, जोखिम में ग्रामीण

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

डोईवाला ब्लॉक की पहाड़ी ग्राम पंचायत गडूल के शीला चौकी क्षेत्र में आपदा के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन की ओर से राहत और व्यवस्थाओं को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही की समस्या अब भी बनी हुई है। ग्रामीणों को रोजाना जान जोखिम में डालकर खाला पार करना पड़ रहा है।

आपदा के बाद क्षेत्र में आवागमन को सुचारु करने के लिए अस्थायी पुलिया का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक पुलिया का निर्माण नहीं हो सका है। इसके चलते स्थानीय ग्रामीणों को मजबूरी में जोखिम भरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया गया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में अस्थायी पुलिया का निर्माण सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से करना है। दोनों विभागों के स्तर से कार्यवाही की बात कही जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान खाले में पानी का बहाव बढ़ने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया निर्माण में आ रही अड़चनों को जल्द दूर कर काम शुरू कराया जाए।

क्षेत्र पंचायत सदस्य रविन्द्र सिंह रावत ने भी प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। आपदा प्रभावित क्षेत्र में लंबे समय तक इसी तरह आवाजाही जारी रहना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

उन्होंने कहा कि अस्थायी पुलिया का निर्माण जल्द नहीं कराया गया तो ग्रामीणों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। बारिश के मौसम में खाले का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।

क्षेत्र पंचायत सदस्य ने प्रशासन से मांग की कि सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अस्थायी पुलिया का निर्माण युद्ध स्तर पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिया बनने से ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और उन्हें जान जोखिम में डालकर खाला पार करने से राहत मिलेगी।

फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा के बाद उनकी समस्याएं पहले ही बढ़ी हुई हैं और पुलिया निर्माण में देरी से परेशानी और गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण पूरा कर सुरक्षित आवागमन बहाल करने की मांग की है।