कांग्रेस को झटका, कई नेताओं ने थामा भाजपा का दामन

कांग्रेस को झटका, कई नेताओं ने थामा भाजपा का दामन

स्थान : सितारगंज
ब्यूरो रिपोर्ट

विधानसभा चुनाव से पहले सितारगंज में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी समेत कई लोगों ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं ने पार्टी की रीति-नीति और केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यों से प्रभावित होने की बात कही।

भाजपा में शामिल हुए नेताओं का पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां और संगठनात्मक कार्यशैली उन्हें बेहतर लगी, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है।

नए सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच रहा है और इसी से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा का साथ देने का फैसला किया।

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वालों ने कहा कि भाजपा की रीति-नीति से प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि भाजपा के संगठन को मजबूत करने के लिए वह पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। भाजपा में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाने के लिए वे पूरी ताकत के साथ काम करेंगे। इसके लिए बूथ स्तर से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक संगठन के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया गया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का पार्टी में शामिल होना संगठन की मजबूती का संकेत है। उन्होंने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा और सितारगंज क्षेत्र में भाजपा का संगठन और मजबूत होगा।

नए सदस्यों ने कहा कि भाजपा में उन्हें सम्मान और काम करने का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह आगामी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।

कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद सितारगंज की स्थानीय राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं भाजपा इसे अपने संगठन के विस्तार और मजबूती के रूप में देख रही है।