30 हजार स्टाइपेंड की मांग, सातवें दिन भी BAMS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी

30 हजार स्टाइपेंड की मांग, सातवें दिन भी BAMS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल कैंपस में बीएएमएस इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टर वर्तमान में मिल रहे 15 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पताल में नियमित रूप से मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में योगदान देते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड वर्तमान समय की आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। इसी को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

आंदोलनरत विद्यार्थियों ने कहा कि तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में आयुर्वेद एवं आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में उत्तराखंड में भी आयुर्वेद इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।

इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और उच्च अधिकारियों को पहले ही आवेदन दिया जा चुका है। विद्यार्थियों का कहना है कि मांग को लेकर कई स्तरों पर अपनी बात रखने के बावजूद अभी तक उन्हें कोई स्पष्ट और ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

छात्रों का कहना है कि चिकित्सा प्रशिक्षण के दौरान इंटर्न डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें उचित स्टाइपेंड मिलना चाहिए, जिससे प्रशिक्षण के दौरान उनके आर्थिक हितों की भी रक्षा हो सके।

इंटर्न डॉक्टरों ने उत्तराखंड सरकार से मामले का जल्द संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को अन्य राज्यों में आयुष इंटर्न डॉक्टरों को दिए जा रहे स्टाइपेंड का अध्ययन कर उत्तराखंड में भी समान रूप से उचित व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

आंदोलनरत विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।

लगातार सात दिनों से जारी हड़ताल के चलते अब सभी की नजर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है। इंटर्न डॉक्टरों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द निर्णय लेते हुए वर्तमान 15 हजार रुपये के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।