स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

थाना मुखानी क्षेत्र के पीली कोठी चौराहे के पास देर रात दो गुटों के बीच विवाद और भगदड़ जैसी स्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। घटना 6 अगस्त की देर रात की बताई गई है। सूचना मिलते ही थाना मुखानी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की।


घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र ने अधीनस्थ अधिकारियों को घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए मौके से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया।



पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण और थाना मुखानी के प्रभारी निरीक्षक सुशील जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का काम शुरू किया।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुल 20 व्यक्तियों की पहचान की। पुलिस के अनुसार सभी 20 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर थाना मुखानी लाया गया, जहां उनके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों के खिलाफ थाना मुखानी में धारा 172(2) बीएनएसएस के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई है। इसके अलावा पुलिस अधिनियम की धारा 81 के अंतर्गत 20 व्यक्तियों का चालान किया गया। इस कार्रवाई में कुल 10 हजार रुपये का संयोजन शुल्क वसूला गया है।


पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन में किसी व्यक्ति के साथ मारपीट अथवा चोट पहुंचाने की घटना सामने नहीं आई है। फुटेज में केवल सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। इसके अलावा दोनों पक्षों की ओर से घटना के संबंध में पुलिस को कोई तहरीर भी नहीं दी गई है।


फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि मारपीट या किसी अन्य दंडनीय कृत्य के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
नैनीताल पुलिस ने आमजन से सार्वजनिक स्थानों पर कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या हुड़दंग की स्थिति उत्पन्न करने से बचें। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार प्रभावी और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

