बदरीनाथ मंदिर चोरी मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार

बदरीनाथ मंदिर चोरी मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

श्री बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान सामग्री की चोरी के बहुचर्चित मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड की लामबगड़ जल विद्युत परियोजना में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था और वीआईपी दर्शन की व्यवस्था के लिए समय-समय पर बद्रीनाथ मंदिर भेजा जाता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में चोरी की गई आभूषण सामग्री, नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। एसआईटी की जांच में सामने आया कि आरोपी मंदिर में ड्यूटी के दौरान दान सामग्री तक पहुंच बना रहा था। पुलिस अब बरामद सामान और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

चमोली पुलिस के अनुसार, आठ जुलाई को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की शिकायत पर थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितताओं का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है।

एसआईटी ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। फुटेज में एक व्यक्ति दान सामग्री में से सामान निकालकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। जांच के दौरान उसकी पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी ने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए कुछ सामान को उसने अपने कमरे में रखा था, जबकि कुछ सामान यात्रियों को बेच दिया था। जांच टीम को आरोपी के मोबाइल फोन की रिसायकल बिन से चोरी किए गए सामान की तस्वीरें भी मिलीं। पुलिस के अनुसार ये तस्वीरें आरोपी ने चोरी के बाद अपने मोबाइल से खींची थीं, जिससे जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिला।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने लामबगड़ स्थित उसके कमरे से चांदी और अन्य धातु के आभूषण, सिक्के, प्रतिमा और ब्रेसलेट समेत अन्य सामान बरामद किया। इसके अलावा छह हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने वह बेडशीट भी बरामद की, जिस पर चोरी किए गए सामान को रखकर तस्वीरें खींची जाती थीं।

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई हैं। एसआईटी अब बरामद सामान के स्रोत, चोरी की पूरी प्रक्रिया और अन्य संभावित लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी की सामग्री को किन लोगों को बेचा गया और इस पूरे मामले में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।

एसआईटी की इस कार्रवाई के बाद बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान सामग्री की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों की जांच और तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य की गंभीरता से जांच की जा रही है। एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद ही चोरी के पूरे नेटवर्क और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।