विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर यूकेडी ने जारी किया नीतिगत एजेंडा, ‘संकल्प नए उत्तराखंड का’ में गिनाईं पांच प्राथमिकताएं

विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर यूकेडी ने जारी किया नीतिगत एजेंडा, ‘संकल्प नए उत्तराखंड का’ में गिनाईं पांच प्राथमिकताएं

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर अपना नीतिगत एजेंडा भाग-1 जारी कर दिया है। पार्टी ने इस एजेंडे को “संकल्प नए उत्तराखंड का” नाम दिया है। देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में यूकेडी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

यूकेडी ने अपने नीतिगत एजेंडे में उत्तराखंड के भविष्य को लेकर पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को सामने रखा है। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों के आधार पर राज्य के मूल स्वरूप, संसाधनों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को सुरक्षित किया जा सकता है।

पार्टी ने सबसे प्रमुख मांग के रूप में संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत उत्तराखंड के लिए पृथक संवैधानिक प्रावधान लागू करने की बात कही है। यूकेडी का कहना है कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए विशेष संवैधानिक संरक्षण जरूरी है।

इसके अलावा यूकेडी ने उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों के संरक्षण, व्यापक भूमि सुधार और राज्य में जमीनों से जुड़े मुद्दों के समाधान को भी अपने एजेंडे में शामिल किया है। पार्टी ने कहा कि राज्य की भूमि और संसाधनों पर स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

पार्टी ने विवश पलायन को रोकना भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। यूकेडी का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर ही पलायन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है।

यूकेडी ने आरक्षण व्यवस्था के भीतर आरक्षण लागू करने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि समाज के सभी वर्गों तक योजनाओं और अवसरों का समान लाभ पहुंचाने के लिए इस दिशा में ठोस व्यवस्था की आवश्यकता है।

प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि “संकल्प नए उत्तराखंड का” राज्य के हितों और स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी अपने नीतिगत एजेंडे के अन्य हिस्सों को भी जारी करेगी और इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।