
स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

मां नंदा सुनंदा महोत्सव में सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रतियोगिताओं की धूम रही। महोत्सव के तहत ऐपण, उत्तराखंडी व्यंजन और अंतरविद्यालयी चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

पारंपरिक ऐपण प्रतियोगिता के विद्यार्थी वर्ग में मिशन इंटर कॉलेज की कामिनी बेलवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय आदर्श बालिका इंटर कॉलेज की हर्षिता पांडे द्वितीय और मानसी रावत तृतीय स्थान पर रहीं।



महिला वर्ग की ऐपण प्रतियोगिता में कमला जोशी ने प्रथम, प्रीति बवाड़ी ने द्वितीय और सीमा भाकुनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक ऐपण कला के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।

उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता में नीमा बेलवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि नैना कांडपाल द्वितीय और लीला नयाल तृतीय स्थान पर रहीं। अर्चना सती को विशेष पुरस्कार दिया गया, जबकि रीतु, खष्टी, इंदू और विजेता को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।



इसी दौरान अंतरविद्यालयी चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। सब जूनियर वर्ग में रिधान एपीएस ने प्रथम, गर्विता बवाड़ी एपीएस ने द्वितीय और तरूना कैंट प्राइमरी स्कूल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
जूनियर वर्ग में संध्या केवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुमुद बिष्ट एपीएस द्वितीय और पारस मेहरा केवी तृतीय स्थान पर रहे।




सीनियर वर्ग में गौरव कोटल्या ने प्रथम, देबव्रत एपीएस ने द्वितीय और उपासना राजकीय आदर्श बालिका इंटर कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका डॉ. रजनी भट्ट, मीना साह, शोभा पंत, नेहा माहरा और ज्योति साह ने निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, पारंपरिक शैली और प्रस्तुति के आधार पर परिणाम घोषित किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। महोत्सव के आयोजकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से उत्तराखंड की पारंपरिक कला, व्यंजन और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

