गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बन रहा पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान

गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बन रहा पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन अभियान गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।

सीएमओ के अनुसार योजना के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को सरकारी अस्पतालों में विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जांच की जाती है और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जाता है।

इसके साथ ही पीएमएसएमए एक्सटेंडेड के तहत अब प्रत्येक सोमवार को भी विशेष सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को जांच और उपचार के लिए अधिक अवसर मिल रहे हैं और हाई-रिस्क मामलों की नियमित निगरानी भी संभव हो रही है।

अभियान के दौरान महिला रोग विशेषज्ञ और एलएमओ द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इसके साथ ही आवश्यक ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड जांच भी पूरी तरह नि:शुल्क कराई जाती हैं।

गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 102 ‘खुशियों की सवारी’ वाहन सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। इस सेवा के माध्यम से महिलाओं को अस्पताल लाने और वापस घर पहुंचाने में मदद मिल रही है।

आशा कार्यकर्ताओं की भी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका है। आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में सहयोग करती हैं। योजना के तहत लाभार्थी गर्भवती महिलाओं और उन्हें अस्पताल लाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को नियमानुसार प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने सभी पात्र गर्भवती महिलाओं से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन अभियान की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के लिए बेहद जरूरी है।