

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने शिक्षा सुधार से जुड़े विषयों पर संसद में चर्चा कराने का भरोसा दिया है।


सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान मंत्रियों ने सोनम वांगचुक को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर गंभीर है और इस दिशा में उचित कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने संसद में इस विषय पर चर्चा कराने की सहमति भी जताई है, ताकि विभिन्न पक्षों के सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जा सके।

बैठक में मंत्रियों ने सोनम वांगचुक से छात्रों से शांति बनाए रखने, सरकार पर भरोसा रखने और किसी भी प्रकार के उग्र कदम से बचने की अपील करने का भी अनुरोध किया। सरकार का मानना है कि संवाद के माध्यम से छात्रों की चिंताओं का समाधान निकाला जा सकता है।


सूत्रों के अनुसार, मेदांता अस्पताल पहुंचने से पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच कई घंटों तक बैठक हुई, जिसमें आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से बातचीत की। इस दौरान रिजिजू ने उन्हें बताया कि डॉ. जितेंद्र सिंह के प्रस्ताव के अनुरूप सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा कराने के लिए सहमत हो गई है।
हालांकि, सरकार और आंदोलनकारी पक्ष की ओर से बैठक के विस्तृत निष्कर्षों पर आधिकारिक बयान का इंतजार है। अब सभी की निगाहें संसद में होने वाली संभावित चर्चा और शिक्षा सुधार से जुड़े आगामी सरकारी कदमों पर टिकी हैं।


