

स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

स्क्रैप बिक्री को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवादों में घिरी बाजपुर चीनी मिल एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है। बुधवार को मिल से निकल रहे स्क्रैप से लदे एक ट्रक के वजन में कथित तौर पर भारी अंतर मिलने के बाद किसान संगठनों और प्रशासन के बीच देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और ट्रक का दोबारा वजन कराया गया।


किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नवदीप कंग और विधायक प्रतिनिधि दया किशोर जोशी अपने साथियों के साथ मिल से निकलने वाले स्क्रैप के ट्रकों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान ट्रक संख्या UP-23 T-8177 को रोककर उससे स्क्रैप तौल से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। आरोप है कि चालक दस्तावेज दिखाने के बजाय ट्रक लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन उसे रोक लिया गया। बाद में ट्रक को धर्मकांटे पर ले जाकर दोबारा तौला गया, जहां उपजिलाधिकारी डॉ. अमृता शर्मा, प्रभारी प्रधान प्रबंधक और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जांच की गई।



किसान नेताओं के अनुसार, मिल के अंदर हुए वजन और धर्मकांटे पर हुए वजन में 133 कुंतल का अंतर पाया गया। नवदीप कंग का आरोप है कि इसी दौरान स्क्रैप से लदे दो अन्य ट्रक भी बिना बिल और दस्तावेजों के बाहर खड़े थे, जिन्हें सूचना मिलते ही वापस फैक्ट्री परिसर में ले जाया गया। फिलहाल संबंधित ट्रक और उसके चालक को बाजपुर पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और मामले की जांच जारी है।

घटना के बाद किसान नेताओं ने चीनी मिल पहुंचकर मुख्य गेट के सुरक्षा रजिस्टर और रिकॉर्ड की जांच की। उनका आरोप है कि संबंधित ट्रक का विवरण रजिस्टर में दर्ज नहीं था, जिससे पूरे मामले में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। नेताओं ने रजिस्टर अपने कब्जे में लेने के साथ ही लगभग दो घंटे तक संबंधित ट्रक के बिल की मांग की, लेकिन दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद कथित हेराफेरी की आशंका के चलते उन्होंने कंप्यूटर कक्ष और लेखा कार्यालय में ताले लगाकर उनकी चाबियां अपने पास रख लीं।

किसान संगठनों का कहना है कि पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही बाजपुर चीनी मिल में स्क्रैप बिक्री के नाम पर खुलेआम अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे मिल को भारी वित्तीय नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

स्क्रैप तौल समिति के मजदूर प्रतिनिधि वास्वानंद जोशी ने भी आरोप लगाया कि स्क्रैप उठान में हो रही कथित अनियमितताओं की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने पहले ही समिति से इस्तीफा दे दिया था। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि तौल कांटे में कथित गड़बड़ी की जानकारी देने वाले मैकेनिक का तबादला रुद्रपुर स्थित एसआईआर में कर दिया गया। किसान कांग्रेस, कांग्रेस पार्टी, भारतीय किसान यूनियन और चीनी मिल कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह 9 बजे मिल परिसर में धरना देने की घोषणा की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और प्रस्तावित धरने के परिणाम पर टिकी है।



