

स्थान : देहरादून
ब्यरो रेपोर्ट


उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार से प्रदेशभर में एसआईआर की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है, जो सितंबर माह तक जारी रहेगी। इस दौरान मतदाता सूची का सत्यापन, नए नामों को जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


एसआईआर को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है और मतदाता सूची से नाम काटे जाने की आशंका व्यक्त कर रहा है। कांग्रेस का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।



कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस भी एक राजनीतिक दल है और उसे चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का पूरा अधिकार है।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। सभी राजनीतिक दल अपने बीएलए-2 के माध्यम से मतदाता सूची का सत्यापन कर सकते हैं और यदि किसी नाम को लेकर कोई आपत्ति या त्रुटि है तो उसे नियमानुसार ठीक कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई नए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे, वहीं जो लोग नियमों के अनुरूप पात्र नहीं हैं या जिनका सत्यापन नहीं हो पाएगा, उनके नाम हटाए भी जा सकते हैं। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए की जा रही है।

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कांग्रेस चाहती है कि बाहरी लोगों के नाम भी उत्तराखंड की मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में केवल वास्तविक और पात्र मतदाताओं का ही नाम मतदाता सूची में होना चाहिए।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि किसी भी वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल को किसी नाम को लेकर आपत्ति है तो वे अपने बीएलए-2 के माध्यम से उसे निर्वाचन प्रक्रिया के तहत ठीक करवा सकते हैं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए सभी दलों से सहयोग की अपील की।

