

स्थान : बद्रीनाथ धाम
ब्यूरो रिपोर्ट


विश्व प्रसिद्ध भू-बैकुंठ नगरी बद्रीनाथ धाम के नर पर्वत क्षेत्र में शनिवार देर शाम लगी भीषण वनाग्नि पर वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह काबू पा लिया है। आग लगने के बाद पर्वत की पहाड़ियों पर तेज लपटें उठने लगी थीं, जिससे पूरा क्षेत्र आग की रोशनी से जगमगा उठा। घटना की सूचना मिलते ही फूलों की घाटी वन प्रभाग की गोविंदघाट रेंज की फॉरेस्ट फायर सेफ्टी रेस्क्यू टीम तत्काल सक्रिय हो गई। वन कर्मियों ने कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में आग बुझाने का अभियान चलाया और रविवार सुबह करीब चार बजकर 40 मिनट पर आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की।


जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम बद्रीनाथ धाम के नर पर्वत क्षेत्र की पहाड़ियों पर अचानक वनाग्नि भड़क उठी। देखते ही देखते आग पहाड़ी क्षेत्र में फैलने लगी और दूर से ही आग की लपटें दिखाई देने लगीं। पर्वतीय क्षेत्र में आग का फैलाव होने से वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित वन विभाग को सूचित किया गया, जिसके बाद आग बुझाने के लिए टीम को मौके पर भेजा गया।




नर पर्वत क्षेत्र में लगी आग का स्वरूप काफी भयावह दिखाई दे रहा था। पहाड़ियों पर जगह-जगह आग की लपटें उठने से पूरा क्षेत्र धधकता नजर आ रहा था। रात के अंधेरे में आग की लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं। दुर्गम पहाड़ी भूभाग होने के कारण आग बुझाने का कार्य चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद वन कर्मियों ने परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत एवं नियंत्रण अभियान शुरू किया।



फूलों की घाटी वन प्रभाग की गोविंदघाट रेंज के वन कर्मियों ने फॉरेस्ट फायर सेफ्टी रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर आग बुझाने का अभियान चलाया। टीम ने पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर आग को आगे फैलने से रोकने के प्रयास शुरू किए। वन कर्मियों को अंधेरे और दुर्गम रास्तों के बीच काम करना पड़ा। आग की लपटों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम लगातार अभियान में जुटी रही।


वन विभाग की टीम ने कई घंटों तक लगातार प्रयास करते हुए आग को नियंत्रित करने की दिशा में काम किया। शनिवार देर शाम शुरू हुआ यह अभियान रातभर जारी रहा। वन कर्मियों ने पूरी सतर्कता के साथ आग पर काबू पाने के प्रयास किए, ताकि वनाग्नि का विस्तार अन्य क्षेत्रों तक न हो सके। टीम की लगातार मेहनत और तत्परता के चलते रविवार तड़के आग की तीव्रता पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया।
फूलों की घाटी वन प्रभाग की गोविंदघाट रेंज की फॉरेस्ट फायर सेफ्टी रेस्क्यू टीम ने रविवार सुबह लगभग चार बजकर 40 मिनट पर नर पर्वत क्षेत्र में लगी वनाग्नि पर पूरी तरह काबू पा लिया। इसके साथ ही वन विभाग का आग बुझाने का अभियान सफल रहा। वनाग्नि पर नियंत्रण मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में आग के आगे फैलने का तत्काल खतरा टल गया।




बद्रीनाथ धाम का नर पर्वत क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हिमालयी पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां वनाग्नि की घटनाएं स्थानीय पारिस्थितिकी और वन संपदा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में आग लगने की स्थिति में कठिन भूगोल के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी आसान नहीं होता। ऐसे में समय रहते आग पर नियंत्रण पाना वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाओं से निपटने के लिए सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को सामने रखा है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में आग लगने पर वन विभाग की टीमों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नर पर्वत क्षेत्र में भी आग बुझाने के लिए वन कर्मियों को रातभर अभियान चलाना पड़ा। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों और वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल बद्रीनाथ धाम के नर पर्वत क्षेत्र में लगी वनाग्नि पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। फूलों की घाटी वन प्रभाग की गोविंदघाट रेंज के वन कर्मियों की तत्परता और रातभर की कड़ी मेहनत से आग बुझाने में सफलता मिली। शनिवार देर शाम आग की लपटों से घिरी नजर आने वाली पहाड़ियों पर रविवार सुबह तक आग शांत हो गई। वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में वनाग्नि के और अधिक फैलने की आशंका समाप्त हो गई है।

