भारत-पाकिस्तान मुकाबले में अर्जुन राजपूत का तूफानी शतक, 11 चौके और 5 छक्के जड़कर भारतीय टीम को संकट से उबारा

भारत-पाकिस्तान मुकाबले में अर्जुन राजपूत का तूफानी शतक, 11 चौके और 5 छक्के जड़कर भारतीय टीम को संकट से उबारा

ब्यूरो रिपोर्ट

एसीसी मेंस अंडर-19 एशिया कप में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे रोमांचक मुकाबले में युवा बल्लेबाज अर्जुन राजपूत ने शानदार शतकीय पारी खेलकर क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत लिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 85 गेंदों में 107 रन बनाए। अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान अर्जुन ने 11 चौके और पांच शानदार छक्के लगाए। भारतीय टीम के लगातार विकेट गिरने के बावजूद अर्जुन एक छोर पर डटे रहे और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत ने मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। कप्तान लक्ष्य रायचंदानी पारी की दूसरी ही गेंद पर बिना खाता खोले बोल्ड हो गए। शुरुआती झटके के बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम दबाव में आ गया और पाकिस्तान के गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाकर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं। एक समय भारतीय टीम महज 22 रन पर अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा चुकी थी।

मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ पर टिकी हुई थीं। हालांकि दोनों बल्लेबाज पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। आर्यवीर सहवाग 22 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि अन्वय द्रविड़ महज 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इन विकेटों के गिरने से भारतीय टीम पर दबाव और बढ़ गया।

ऐसे मुश्किल समय में अर्जुन राजपूत ने जिम्मेदारी संभाली और पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। जब अर्जुन क्रीज पर पहुंचे, तब भारतीय टीम की स्थिति बेहद खराब थी। एक ओर लगातार विकेट गिर रहे थे, वहीं दूसरी ओर अर्जुन ने बिना दबाव में आए आक्रामक अंदाज में रन बनाने शुरू किए। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाते हुए भारतीय पारी को संभाला और स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया।

अर्जुन राजपूत ने पांचवें विकेट के लिए अन्वय द्रविड़ के साथ 44 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी में अर्जुन ने प्रमुख भूमिका निभाई और पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। अन्वय के आउट होने के बाद भी अर्जुन ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा। उन्होंने छठे विकेट के लिए मनल चौहान के साथ महज 55 गेंदों में 64 रन जोड़कर भारतीय टीम को संभालने का प्रयास किया। इस साझेदारी में अर्जुन के बल्ले से ही 50 रन निकले।

शानदार लय में नजर आ रहे अर्जुन राजपूत ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 11 चौके और पांच छक्के लगाकर विपक्षी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को चुनौती दी। अर्जुन ने महज 80 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी इस शतकीय पारी ने भारतीय टीम को मुकाबले में वापसी की उम्मीद दिलाई। मुश्किल परिस्थितियों में खेली गई इस पारी ने युवा बल्लेबाज की प्रतिभा और दबाव में खेलने की क्षमता को भी प्रदर्शित किया।

शतक पूरा करने के बाद भी अर्जुन ने तेजी से रन बनाने का प्रयास जारी रखा। हालांकि 85 गेंदों पर 107 रन बनाने के बाद वह पाकिस्तानी गेंदबाज रिजवानुल्लाह का शिकार बन गए। अर्जुन के आउट होने तक भारतीय टीम का स्कोर सम्मानजनक स्थिति की ओर बढ़ चुका था। उनकी इस पारी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने लगातार गिरते विकेटों के बीच न केवल अपना शतक पूरा किया, बल्कि टीम को बड़े स्कोर की ओर भी पहुंचाया।

अर्जुन के आउट होने के बाद भारतीय टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने स्कोर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। काव्य पटेल ने 23 रन का योगदान दिया। हालांकि पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को अधिक देर टिकने नहीं दिया। भारत की पूरी टीम 46.3 ओवर में 208 रन बनाकर आउट हो गई। पाकिस्तान की ओर से अली रजा, रिजवानुल्लाह और निकाब शफीक ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। इस तरह पाकिस्तान को जीत के लिए 209 रनों का लक्ष्य मिला।

भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे इस मुकाबले में अर्जुन राजपूत की शतकीय पारी सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआती बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अर्जुन ने जिस अंदाज में पाकिस्तान के गेंदबाजों का सामना किया, उससे भारतीय टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। अब भारतीय गेंदबाजों के सामने 209 रनों के लक्ष्य का बचाव करने की चुनौती है। भारतीय टीम की जीत इस बात पर निर्भर करेगी कि गेंदबाज पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर कितना दबाव बना पाते हैं।