

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड की बेटियों को खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में चंपावत जिले में एक बड़ी पहल की जा रही है। लोहाघाट के छमनिया क्षेत्र में करीब 257 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला अत्याधुनिक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इस स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण से प्रदेश की महिला खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


इसी क्रम में शनिवार को चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लोहाघाट के छमनिया में निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, गति और निर्धारित समय सीमा में उन्हें पूरा करने को लेकर संबंधित अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।




निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला खिलाड़ियों के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों के निर्माण कार्यों की स्थिति का विशेष रूप से जायजा लिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में छात्रावासों के निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में प्रस्तावित बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी मैदानों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अलावा रनिंग ट्रैक और दर्शक दीर्घा के निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सभी खेल सुविधाओं का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए, जिससे खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त वातावरण मिल सके।


डीएम ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति की संभावनाओं को देखते हुए कार्यदायी संस्था को श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और आवश्यक निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के निर्माण में संसाधनों की कमी के कारण किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और आने वाली समस्याओं का समय से समाधान करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए सुबह, दोपहर और रात की तीनों शिफ्टों में कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को प्रभावी कार्ययोजना बनाकर अतिरिक्त श्रमिकों और संसाधनों के साथ निर्माण कार्यों को गति देनी होगी।



डीएम मनीष कुमार ने प्रथम चरण के अंतर्गत बनाए जा रहे छात्रावासों और खेल अवस्थापनाओं के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि भविष्य में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ मिल सके।


लोहाघाट के छमनिया में बन रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज उत्तराखंड में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके निर्माण से विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। आधुनिक खेल मैदान, रनिंग ट्रैक, आवासीय परिसर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने से महिला खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण से चंपावत जिले के साथ ही पूरे उत्तराखंड की बेटियों के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। वहीं जिलाधिकारी के निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बाद निर्माण कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

