बस्तर में वीर जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, बोले— जहां कभी नक्सलियों का कहर था, वहां आज विकास की बहार

बस्तर में वीर जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, बोले— जहां कभी नक्सलियों का कहर था, वहां आज विकास की बहार

ब्यूरो रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष भी दीपावली का पर्व देश के वीर जवानों के साथ मनाएंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बस्तर जाने की घोषणा की है। रविवार को दीपावली के अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश के बहादुर सुरक्षाकर्मियों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन करने के लिए बस्तर जा रहे हैं। उन्होंने बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव में आई कमी और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा कि वह दीपावली के पावन अवसर पर बस्तर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी नक्सलियों का प्रभाव रहा था, वहां अब विकास की नई तस्वीर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री ने इस बदलाव में सुरक्षा बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जवानों के साहस, बलिदान, त्याग और कठिन परिस्थितियों में की गई सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री का बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाने का निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि छत्तीसगढ़ का यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यहां सुरक्षा बलों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चलाए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में क्षेत्र में विकास और शांति की दिशा में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए सुरक्षाकर्मियों के योगदान को याद किया।

दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सात नवंबर को वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पूरा देश दीपों की रोशनी से जगमगा रहा है। प्रकाश का यह पर्व अंधकार के विरुद्ध हमारे संकल्प का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए दीपावली को नई उम्मीदों और सकारात्मक ऊर्जा का त्योहार बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वह भी देशवासियों की तरह दीपावली का पर्व उत्साह के साथ मनाते हैं। हालांकि उनके लिए इस त्योहार का एक विशेष महत्व है, क्योंकि वह हर वर्ष इसे देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच मनाने की परंपरा निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी वह इसी परंपरा को जारी रखेंगे और देश के बहादुर सुरक्षाकर्मियों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करेंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 में पदभार संभालने के बाद से लगातार दीपावली के अवसर पर सैनिकों और सुरक्षाबलों के जवानों के बीच पहुंचते रहे हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2014 में सियाचिन में तैनात जवानों के साथ दीपावली मनाई थी। इसके बाद वर्ष 2015 में पंजाब के खासा क्षेत्र, 2016 में हिमाचल प्रदेश के सुमदो और 2017 में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में जवानों के साथ त्योहार मनाया।

वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के हर्षिल पहुंचे थे, जहां उन्होंने जवानों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की थीं। इसके बाद वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के राजौरी, 2020 में राजस्थान के जैसलमेर, 2021 में नौशेरा और 2022 में लद्दाख के करगिल में उन्होंने जवानों के साथ दीपावली मनाई। इन दौरों के दौरान प्रधानमंत्री ने सैनिकों से मुलाकात कर उनकी सेवाओं और राष्ट्र की सुरक्षा में दिए जा रहे योगदान की सराहना की।

इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश के लेपचा, 2024 में गुजरात के सर क्रीक और वर्ष 2025 में गोवा में विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई थी। इन अवसरों पर उन्होंने सैनिकों से संवाद किया और त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस वर्ष बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाने की घोषणा को इसी परंपरा की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के बस्तर दौरे की घोषणा के साथ एक बार फिर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की भूमिका चर्चा में है। दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर जब अधिकांश लोग अपने परिवारों के साथ खुशियां मनाते हैं, तब बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। प्रधानमंत्री का जवानों के बीच पहुंचने का उद्देश्य उनकी सेवाओं का सम्मान करना और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा करना है। बस्तर में प्रस्तावित इस आयोजन के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा के प्रति आभार व्यक्त करेंगे।