लक्सर में पटाखा बाजार पर महंगाई की मार, दुकानों पर सजी आतिशबाजी लेकिन खरीदारी कम, व्यापारियों में मायूसी

लक्सर में पटाखा बाजार पर महंगाई की मार, दुकानों पर सजी आतिशबाजी लेकिन खरीदारी कम, व्यापारियों में मायूसी

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

दीपावली के त्योहार को लेकर लक्सर के बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है। बाजारों में रंग-बिरंगी झालरों, सजावटी सामान और पटाखों की दुकानें सज चुकी हैं, लेकिन इस बार पटाखा कारोबार पर महंगाई का असर साफ नजर आ रहा है। पटाखों की बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहक दुकानों तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीदारी करने से पहले काफी सोच-विचार कर रहे हैं। इसका सीधा असर पटाखा व्यापारियों की बिक्री पर पड़ रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कारोबार धीमा होने से दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी दिखाई दे रही है।

लक्सर के पटाखा बाजार में दीपावली को लेकर व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी का सामान दुकानों पर सजाया हुआ है। रंग-बिरंगे अनार, फुलझड़ी, चकरी और अन्य पटाखे ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि इस बार ग्राहक पटाखों की कीमतें पूछने के बाद सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं। कई ग्राहक तो महंगे पटाखों की कीमत सुनकर बिना खरीदारी किए ही वापस लौट रहे हैं।

पटाखा व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्षों में दीपावली से पहले ही बाजार में अच्छी खासी भीड़ दिखाई देने लगती थी और दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती थी। लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। दुकानदार दिनभर ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं, इसके बावजूद उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हो पा रही है। व्यापारियों का कहना है कि महंगाई ने पटाखों के कारोबार को प्रभावित किया है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।

दुकानदारों का कहना है कि दीपावली का त्योहार पटाखा कारोबारियों के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण अवसर होता है। व्यापारी इस त्योहार को ध्यान में रखते हुए पहले से ही बड़ी मात्रा में सामान मंगवाते हैं, ताकि त्योहार के दौरान अच्छी बिक्री हो सके। लेकिन इस बार खरीदारी की रफ्तार धीमी रहने के कारण व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्हें त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ने का इंतजार है।

वहीं पटाखों की खरीदारी करने बाजार पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू बजट पहले ही प्रभावित हो चुका है। रोजमर्रा की जरूरतों, खाने-पीने के सामान और त्योहार की अन्य तैयारियों पर खर्च बढ़ने से लोगों को पटाखों की खरीदारी में भी कटौती करनी पड़ रही है। ग्राहकों का कहना है कि दीपावली पर बच्चों की खुशियों के लिए पटाखे खरीदना चाहते हैं, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण सीमित बजट में ही खरीदारी करना उनकी मजबूरी बन गया है।

बाजार में खरीदारी करने पहुंचे कई लोग पहले अलग-अलग दुकानों पर पटाखों की कीमतों की जानकारी ले रहे हैं और उसके बाद अपने बजट के अनुसार सामान खरीद रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि पहले जिस राशि में पर्याप्त मात्रा में पटाखे मिल जाते थे, अब उसी बजट में कम सामान खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकांश परिवार पटाखों पर ज्यादा खर्च करने के बजाय त्योहार की अन्य आवश्यक तैयारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

महंगाई के असर से छोटे पटाखा कारोबारियों की परेशानी भी बढ़ती दिखाई दे रही है। दुकानदारों का कहना है कि त्योहार के लिए सामान खरीदने और दुकानें सजाने में पहले ही खर्च करना पड़ता है। ऐसे में बिक्री कम होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि दीपावली के नजदीक आने के साथ बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सकेगी।

हालांकि कारोबारियों को अभी भी उम्मीद है कि त्योहार के अंतिम दिनों में पटाखा बाजार की तस्वीर बदल सकती है। दुकानदारों का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग दीपावली के नजदीक आने पर ही पटाखों की खरीदारी करते हैं। ऐसे में अंतिम समय पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने से बिक्री में सुधार हो सकता है। व्यापारी इसी उम्मीद के साथ दुकानों पर ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।

फिलहाल लक्सर के पटाखा बाजार में दीपावली की रौनक पर महंगाई का असर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर दुकानदार बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राहक बढ़ती कीमतों के कारण सीमित खरीदारी करने को मजबूर हैं। अब देखना होगा कि दीपावली के अंतिम दिनों में पटाखों की बिक्री में कितनी तेजी आती है और व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक कारोबार मिल पाता है या नहीं। फिलहाल बाजार में सजी रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच ग्राहकों की कम खरीदारी व्यापारियों की चिंता बढ़ा रही है।