

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट


जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के विलंबित पंजीकरण को लेकर हरिद्वार के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत जन्म या मृत्यु की घटना के दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद पंजीकरण कराने के लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लेना अनिवार्य होगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति बाला ने छह नवंबर 2026 को आदेश जारी करते हुए हरिद्वार, रुड़की और लक्सर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए न्यायालयों का क्षेत्राधिकार निर्धारित कर दिया है।


मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के अनुसार जन्म और मृत्यु के दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में अब संबंधित क्षेत्राधिकार वाले न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जन्म या मृत्यु की घटना की सत्यता की जांच के बाद आदेश पारित किया जाएगा। इसके बाद ही संबंधित पंजीकरण अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जन्म अथवा मृत्यु का विलंबित पंजीकरण किया जा सकेगा।




मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति बाला ने अपने आदेश में हरिद्वार के विभिन्न थाना क्षेत्रों के लिए अलग-अलग न्यायालयों का क्षेत्राधिकार निर्धारित किया है। इसके अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र से संबंधित जन्म-मृत्यु पंजीकरण के मामलों की सुनवाई प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार की अदालत में होगी। इससे संबंधित क्षेत्र के आवेदकों को निर्धारित न्यायालय में ही अपनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


इसी प्रकार कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र के जन्म और मृत्यु के दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों की सुनवाई द्वितीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार की अदालत में की जाएगी। वहीं सिडकुल थाना क्षेत्र से संबंधित मामलों की सुनवाई तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार करेंगे। आदेश में इन क्षेत्रों के लिए न्यायिक व्यवस्था स्पष्ट कर दी गई है, ताकि विलंबित पंजीकरण से जुड़े मामलों का निस्तारण संबंधित न्यायालयों के माध्यम से किया जा सके।


आदेश के अनुसार हरिद्वार जिले के अन्य थाना क्षेत्रों से संबंधित मामलों की सुनवाई उनके निर्धारित क्षेत्राधिकार वाले न्यायालयों में होगी। इस व्यवस्था का प्रभाव रुड़की और लक्सर क्षेत्र के लोगों पर भी पड़ेगा। ऐसे नागरिक, जिनके परिवार में जन्म या मृत्यु की घटना दो वर्ष से अधिक पुरानी है और उसका पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर पंजीकरण कराना होगा।
दरअसल, जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में वर्ष 2026 में किए गए संशोधन के तहत विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी प्रावधानों के अनुसार जन्म या मृत्यु की घटना के एक वर्ष से अधिक, लेकिन दो वर्ष के भीतर पंजीकरण के मामलों में जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी अथवा जिलाधिकारी द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश का प्रावधान है। वहीं दो वर्ष से अधिक विलंब होने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश आवश्यक होगा।



नई व्यवस्था में जन्म और मृत्यु की घटना की सत्यता का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा। संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों और आवश्यक तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। सत्यापन के बाद आदेश पारित होने और निर्धारित शुल्क जमा किए जाने पर विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के पुराने मामलों के पंजीकरण में पारदर्शिता लाना तथा गलत जानकारी के आधार पर प्रमाण पत्र बनवाने की संभावनाओं को रोकना है।

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज होते हैं। जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता शैक्षणिक प्रवेश, आयु प्रमाण और विभिन्न सरकारी सेवाओं में पड़ सकती है। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र उत्तराधिकार, बैंक खातों, बीमा दावों और अन्य कानूनी तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में समय पर पंजीकरण नहीं कराने वाले लोगों को अब निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति बाला ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि न्यायालयों के क्षेत्राधिकार से संबंधित यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इसके बाद हरिद्वार, रुड़की और लक्सर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म-मृत्यु के मामलों का पंजीकरण संबंधित प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर ही किया जा सकेगा। नई व्यवस्था के लागू होने से पुराने लंबित मामलों में न्यायालय की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही नागरिकों के लिए जन्म और मृत्यु की घटनाओं का निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराना और भी आवश्यक हो गया है।

