
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर रुड़की में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। आकर्षक धार्मिक झांकियों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच निकली शोभायात्रा से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। जगह-जगह सामाजिक संगठनों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने शोभायात्रा का स्वागत कर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव को लेकर शहर में श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। अंबर तालाब से निकाली गई भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनके आदर्शों को दर्शाती आकर्षक धार्मिक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा वातावरण श्रद्धा और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।





शोभायात्रा के विभिन्न मार्गों पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी दिया गया। श्रद्धालुओं ने महर्षि वाल्मीकि के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। शोभायात्रा में शामिल लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।


रुड़की के दुर्गा चौक पर पूर्व मेयर एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता यशपाल राणा ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। उन्होंने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और आयोजकों को महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार और शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रही हैं। उनके आदर्श मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।


पूर्व मेयर यशपाल राणा ने कहा कि रुड़की में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर शोभायात्रा निकालने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हर वर्ष इस आयोजन में श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार भी अंबर तालाब से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसका दुर्गा चौक पर स्वागत करने का अवसर मिला। उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं।

यशपाल राणा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज को सत्य, धर्म, ज्ञान और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करते हैं।




इस दौरान गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हुए घटनाक्रम को लेकर भी पूर्व मेयर यशपाल राणा से सवाल किया गया। हालांकि, उन्होंने इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस विषय पर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही जवाब देंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया देने के बजाय महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव की शुभकामनाएं देने पर जोर दिया।


महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा ने रुड़की में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। आकर्षक झांकियों और भक्ति गीतों ने जहां श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, वहीं विभिन्न स्थानों पर हुए स्वागत कार्यक्रमों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। शोभायात्रा के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों, सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

