
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट पर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफा देने के ऐलान को लेकर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने उन पर तीखा हमला बोला है। चैंपियन ने इस्तीफे की चर्चा को राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए विधायक के कामकाज और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद खानपुर की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।

खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने उमेश कुमार के इस्तीफे की घोषणा के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में महज दो महीने बचे होने की बात कही जा रही है, तो ऐसे समय में इस्तीफा देने की घोषणा का क्या औचित्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक चर्चा में बने रहने का प्रयास है। चैंपियन ने इसे ड्रामा बताते हुए उमेश कुमार के राजनीतिक और नैतिक अधिकार पर भी सवाल खड़े किए।




पूर्व विधायक चैंपियन ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधि को क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए चुना है। ऐसे में निर्वाचित जनप्रतिनिधि की प्राथमिकता जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बीते वर्षों में खानपुर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को रोजगार दिलाने और क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आखिर कौन से ठोस कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों का हिसाब चाहती है।


युवाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए चैंपियन ने कहा कि वर्तमान समय Gen Z यानी नई युवा पीढ़ी का है। यह पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर जागरूक है और उसे राजनीतिक दिखावे के बजाय शिक्षा, रोजगार तथा विकास के अवसर चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की अपेक्षाएं बदल चुकी हैं और वे अपने क्षेत्र में रोजगार के साधन तथा बेहतर सुविधाएं चाहते हैं। चैंपियन ने सवाल किया कि पांच वर्षों के कार्यकाल में विधायक ने युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर उपलब्ध कराए।


चैंपियन ने विधायक उमेश कुमार के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि प्रतिमाओं, मंदिरों और शादी जैसे आयोजनों के बजाय क्षेत्र के युवाओं के भविष्य और रोजगार पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों से अलग जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि खानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास और रोजगार के मुद्दों पर अपेक्षित कार्य नहीं किया गया है। हालांकि ये आरोप चैंपियन के अपने राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

उन्होंने उमेश कुमार के कार्यकाल को लेकर भी नाराजगी जताई और उनके प्रदर्शन को पूरी तरह विफल बताया। चैंपियन ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के कामकाज का आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि उसने क्षेत्र में विकास, रोजगार और जनसुविधाओं के लिए कितना योगदान दिया। उन्होंने दावा किया कि खानपुर की जनता युवाओं के भविष्य और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है। ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जनता के सामने किए गए कार्यों का विवरण रखा जाना चाहिए।



खानपुर विधानसभा क्षेत्र में उमेश कुमार और कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी चर्चा का विषय रहे हैं। अब उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान ने दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया है। जहां उमेश कुमार ने किसानों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की बात कही है, वहीं चैंपियन ने उनके इस कदम की मंशा पर सवाल उठाकर रोजगार और विकास को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


खानपुर की राजनीति में दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नया नहीं है। पूर्व में भी उमेश कुमार और कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच राजनीतिक बयानबाजी सामने आती रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव कई बार सुर्खियों में रहा है। Jagran ताजा घटनाक्रम में उमेश कुमार ने विपक्ष से सहयोग नहीं मिलने को इस्तीफे की वजह बताया है, जबकि चैंपियन उनके कार्यकाल और इस्तीफे के समय पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान और उस पर चैंपियन की प्रतिक्रिया ने खानपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। 27 अक्टूबर को उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की थी, हालांकि उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में औपचारिक इस्तीफा सौंपे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। Jagran+1 ऐसे में अब निगाहें उमेश कुमार के अगले कदम और चैंपियन के आरोपों पर उनकी संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विकास, रोजगार और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही जैसे मुद्दे खानपुर की राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।

