जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग की नई पहल, थानों वन रेंज में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का हुआ डेमो

जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग की नई पहल, थानों वन रेंज में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का हुआ डेमो

स्थान : डोईवाला
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में जंगलों को आग से बचाने और वन कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से थानों वन रेंज में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक अग्नि सुरक्षा एवं सर्च उपकरणों की जानकारी दी गई। एक निजी कंपनी की ओर से प्रदर्शित किए गए इन उपकरणों का वन कर्मियों के सामने डेमो भी किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जंगलों में आग लगने की घटनाओं से प्रभावी तरीके से निपटने और वन कर्मियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना रहा।

गोष्ठी के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान जंगलों में आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, रात के समय गश्त और सर्च ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। वन कर्मियों को इन उपकरणों के उपयोग और उनकी उपयोगिता से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

इस अवसर पर देहरादून के प्रभागीय वनाधिकारी उदय चंद गौड़ ने कहा कि गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाना वन विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती होती है। विशेष रूप से पर्वतीय और दुर्गम वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में आधुनिक उपकरणों की सहायता से वन कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है और आग बुझाने के कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

डीएफओ उदय चंद गौड़ ने कहा कि जंगलों में आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के साथ बेहतर निगरानी और सर्च अभियान की आवश्यकता होती है। इसके लिए आधुनिक टॉर्च और अन्य सुरक्षा उपकरण वन कर्मियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से कंपनी द्वारा लाए गए उपकरणों का डेमो आयोजित किया गया, ताकि वन विभाग के कर्मचारी इनकी कार्यप्रणाली को समझ सकें और भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।

वनाग्नि की घटनाओं के साथ-साथ वन कर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी गोष्ठी में विशेष चर्चा की गई। जंगलों में गश्त और आग बुझाने के दौरान वन कर्मियों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। दुर्गम रास्तों, कम दृश्यता और वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में आधुनिक उपकरणों के माध्यम से निगरानी और सर्च अभियान को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

थानों वन रेंज अधिकारी नत्थी लाल डोभाल ने बताया कि कंपनी द्वारा प्रदर्शित किए गए उपकरण वनाग्नि की रोकथाम के साथ वन कर्मियों की सुरक्षा के लिए भी मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जंगलों में गश्त के दौरान कई बार वन कर्मियों को जंगली जानवरों के हमलों का खतरा बना रहता है। आधुनिक उपकरणों की सहायता से वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और संभावित खतरों को समय रहते पहचानने में मदद मिल सकती है।

रेंज अधिकारी नत्थी लाल डोभाल ने कहा कि रात के समय जंगलों में गश्त करना और सर्च ऑपरेशन चलाना वन कर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। कम रोशनी और घने जंगलों के कारण कई बार निगरानी कार्य प्रभावित होते हैं। ऐसे में आधुनिक टॉर्च और सर्च उपकरणों का उपयोग वन कर्मियों के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने बताया कि डेमो के माध्यम से कर्मचारियों को उपकरणों की क्षमताओं और उनके इस्तेमाल के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।

गोष्ठी में विभिन्न फॉरेस्ट चौकियों में तैनात वन दरोगा, वन रक्षक और बड़ी संख्या में वन कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने आधुनिक अग्नि सुरक्षा और सर्च उपकरणों के प्रदर्शन को देखा तथा उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी हासिल की। वन विभाग की इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना और जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे उपकरण वनाग्नि की घटनाओं से निपटने और वन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।