
स्थान : भराड़ीसैंण/गैरसैंण
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन है। सदन की कार्यवाही के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर सदन में काम रोको प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस की रणनीति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है।

विधानसभा सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस नियम 310 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाने जा रही है। इसके साथ ही नियम 18 के अंतर्गत भी विभिन्न विषयों पर सूचनाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को उठाना और उन पर सरकार से जवाब मांगना है।




नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस चाहती है कि विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि सत्र के अंतिम दिन महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष भी सामने आ सके। विपक्ष को विधानसभा के निर्धारित नियमों और संसदीय परंपराओं के अनुसार अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।


यशपाल आर्य ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। सदन जनता की समस्याओं और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का प्रमुख मंच है। ऐसे में विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधानसभा के नियमों के तहत अपनी बात रखने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रही है।


वहीं, कांग्रेस की ओर से काम रोको प्रस्ताव लाने की तैयारी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का काम ही हर कार्य को रोकना बन गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, विपक्ष सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय विभिन्न कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर देश में अराजक स्थिति पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार धरना-प्रदर्शन और विरोध की राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि त्योहारों के दौरान भी कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों से व्यापारियों और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।



मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद विधानसभा सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद और स्पष्ट हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस नियमों के तहत महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा कराने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख के बीच सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही और प्रस्तावित चर्चा पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।


भराड़ीसैंण विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस के प्रस्तावित काम रोको प्रस्ताव और मुख्यमंत्री धामी के बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस जहां जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष विपक्ष के विरोध के तौर-तरीकों पर सवाल उठा रहा है। अब देखना होगा कि सदन में कांग्रेस के प्रस्ताव पर किस तरह की कार्यवाही होती है और सत्र के अंतिम दिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कितनी चर्चा हो पाती है।

