उत्तराखंड कांग्रेस में रामशरण नौटियाल की एंट्री से बढ़ी हलचल, 2027 में किस सीट से ठोकेंगे ताल?

उत्तराखंड कांग्रेस में रामशरण नौटियाल की एंट्री से बढ़ी हलचल, 2027 में किस सीट से ठोकेंगे ताल?

स्थान: देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद राजनीतिक गलियारों में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। करीब 13 साल बाद कांग्रेस में लौटे रामशरण नौटियाल की एंट्री को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, उनकी राजनीतिक जिम्मेदारी और चुनावी दावेदारी को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं।

रामशरण नौटियाल पहले चकराता विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। अब कांग्रेस में उनकी वापसी ने उत्तराखंड की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। राजनीतिक जानकारों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी उन्हें संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देती है या फिर आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका तय की जाती है।

सहसपुर विधानसभा सीट पर भी उनकी वापसी के राजनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस सीट पर आर्येंद्र शर्मा और हरक सिंह रावत की दावेदारी की चर्चाओं के बीच रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में एंट्री को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में देखना होगा कि पार्टी आगामी चुनाव के लिए अपनी रणनीति किस तरह तैयार करती है।

वहीं, विकासनगर विधानसभा सीट पर पूर्व मंत्री नवप्रभात पहले से ही चुनावी तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस के सामने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में नेताओं की दावेदारी और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी होगी। रामशरण नौटियाल की वापसी से इन राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

चकराता विधानसभा सीट की बात करें तो यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह मौजूदा विधायक हैं। ऐसे में रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद उनकी संभावित चुनावी भूमिका को लेकर विशेष चर्चा हो रही है। चकराता से उनका पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह इसी सीट से अपनी राजनीतिक पारी आगे बढ़ाना चाहेंगे या पार्टी में किसी अन्य भूमिका में नजर आएंगे।

रामशरण नौटियाल की वापसी के बाद कांग्रेस के भीतर उनकी जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्टी नेतृत्व उन्हें संगठन में स्थान देता है या चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका सौंपता है, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी। हालांकि, कांग्रेस की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

ऐसे में रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी को सीधे किसी विधानसभा सीट की उम्मीदवारी से जोड़कर देखना फिलहाल जल्दबाजी होगी। उनकी राजनीतिक सक्रियता, पार्टी नेतृत्व के साथ आगे की भूमिका और आगामी चुनाव की रणनीति ही यह तय करेगी कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में किस तरह योगदान देंगे।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी ने राजनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दी है। सहसपुर में संभावित दावेदारों से लेकर विकासनगर और चकराता तक उनकी एंट्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व उन्हें क्या जिम्मेदारी सौंपता है और आगामी चुनाव में उनकी भूमिका किस रूप में सामने आती है। फिलहाल, उनकी उम्मीदवारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।