हल्द्वानी में यूकेडी यूथ का प्रदर्शन, खून से पत्र लिख राष्ट्रपति से की राज्यपाल दुष्यंत गौतम को हटाने की मांग

हल्द्वानी में यूकेडी यूथ का प्रदर्शन, खून से पत्र लिख राष्ट्रपति से की राज्यपाल दुष्यंत गौतम को हटाने की मांग

स्थान: हल्द्वानी
रिपोर्टर: पंकज सक्सेना

अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर हल्द्वानी में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) यूथ ने प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत गौतम का पुतला फूंका और राष्ट्रपति के नाम अपने खून से पत्र लिखकर उन्हें राज्यपाल पद से हटाने की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान यूकेडी यूथ के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में मांग की कि दुष्यंत गौतम को तत्काल प्रभाव से राज्यपाल पद से हटाया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

यूकेडी यूथ के कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस नियुक्ति के जरिए संबंधित मामले में जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

प्रदर्शनकारियों ने संविधान और राज्यपाल पद की संवैधानिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल पद पर नियुक्त व्यक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर पारदर्शिता जरूरी है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर नियुक्ति के कारण किसी भी मामले में जवाबदेही से बचने की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

यूकेडी यूथ के कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाना समाज और व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने मामले से जुड़े सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि यह कदम अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उनके संकल्प और आक्रोश को दर्शाता है। पुतला दहन और नारेबाजी के माध्यम से उन्होंने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।

यूकेडी यूथ ने चेतावनी दी कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे इसी तरह विरोध दर्ज कराते रहेंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे आगे भी अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजेंगे और मामले में कार्रवाई की मांग करेंगे।

हल्द्वानी में हुए इस प्रदर्शन के दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया। यूकेडी यूथ ने पुतला दहन और राष्ट्रपति के नाम पत्र के माध्यम से अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने मामले में न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।