बाजपुर में रावण के पुतले की ऊंचाई को लेकर विवाद, प्रशासन के निर्देश पर छोटा करने का आरोप

बाजपुर में रावण के पुतले की ऊंचाई को लेकर विवाद, प्रशासन के निर्देश पर छोटा करने का आरोप

स्थान: बाजपुर
रिपोर्टर: विशेष शर्मा

ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में विजय दशमी का पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हालांकि, रावण दहन के दौरान पुतले की ऊंचाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि प्रशासन के निर्देश पर रावण के पुतले की ऊंचाई पहले की अपेक्षा कम कर दी गई, जिससे रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद और नाराजगी के बीच आखिरकार रावण के पुतले का दहन कराया गया।

विजय दशमी का पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी संदेश के साथ जनपद भर में दशहरे का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया। लोगों ने भगवान राम के आदर्शों को याद करते हुए सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। बाजपुर में भी दशहरा मेले को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

बाजपुर में पिछले 15 दिनों से लगातार चल रही भगवान राम की लीला का मंचन विजय दशमी के दिन संपन्न हुआ। रामलीला के समापन के साथ ही रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग दशहरा पर्व देखने पहुंचे। मेले में लोगों की भीड़ जुटी और सभी को रावण दहन का इंतजार रहा।

हालांकि, इस बार रावण दहन से पहले पुतले की ऊंचाई को लेकर नया विवाद सामने आ गया। आरोप है कि प्रशासन के निर्देश के बाद रावण के पुतले की ऊंचाई को कम कर दिया गया। पुतले की ऊंचाई घटाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। इस मुद्दे को लेकर आयोजन की भव्यता पर भी सवाल उठाए गए।

रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि बाजपुर में हर साल दशहरे के अवसर पर 40 से 50 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जाता रहा है। लेकिन इस बार पुतले की ऊंचाई कम कराए जाने से आयोजन की परंपरागत भव्यता प्रभावित हुई है। कमेटी ने इस फैसले पर असंतोष जताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

विवाद के बावजूद दशहरा कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया और रावण के पुतले का दहन कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। रावण दहन के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है। भगवान राम के आदर्शों को अपनाने का भी आह्वान किया गया।

बाजपुर में विजय दशमी का पर्व जहां एक ओर धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया, वहीं दूसरी ओर रावण के पुतले की ऊंचाई को लेकर उठा विवाद चर्चा का विषय बना रहा। अब इस मामले में रामलीला कमेटी की नाराजगी और प्रशासन के निर्देशों को लेकर लोगों के बीच चर्चा हो रही है।