
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

माल रोड स्थित होटल पैराडाइज मेंशन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर होटल के करीब 25 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर होटल के भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि होटल के भवन का नक्शा एमडीडीए से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत कराया गया था, जबकि मौके पर पांच मंजिला भवन बनाकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उनका कहना है कि स्वीकृत नक्शे और मौके पर मौजूद निर्माण के बीच अंतर की जांच होनी चाहिए। इस संबंध में स्थानीय लोगों की ओर से एमडीडीए और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायतें दर्ज कराए जाने की बात कही गई है।




स्थानीय निवासी यूसुफ ने बताया कि उन्होंने इस मामले में उप जिलाधिकारी मसूरी, मसूरी कोतवाली और एमडीडीए के उपाध्यक्ष को लिखित शिकायत दी है। उनके अनुसार, वर्ष 2023 से शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल संचालक के प्रभाव के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यूसुफ के मुताबिक, उन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत भी जानकारी मांगी थी। उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवन के लिए तीन मंजिल तक की स्वीकृति दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्वीकृति सीमित मंजिलों के लिए है, तो भवन में कथित तौर पर अतिरिक्त निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की जांच क्यों नहीं की गई। उन्होंने संबंधित विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।



स्थानीय लोगों ने एमडीडीए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राधिकरण अन्य स्थानों पर भवनों के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन माल रोड स्थित इस होटल के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं दिखाई दी है। उन्होंने मांग की कि स्वीकृत नक्शे, भवन की वास्तविक स्थिति और व्यावसायिक उपयोग की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए।

वहीं, होटल के कर्मचारी भी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। यूसुफ का आरोप है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर होटल प्रबंधन की ओर से अब तक वार्ता नहीं की गई है, जिससे करीब 25 कर्मचारी परेशान हैं। इस मामले में होटल प्रबंधन और एमडीडीए का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, स्थानीय निवासियों ने शिकायतों पर कार्रवाई और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है।




